षटतिला एकादशी व्रत तिथि, महत्व और सम्पूर्ण पूजा विधि | 31 January 2019 festival

षटतिला एकादशी व्रत तिथि, महत्व और सम्पूर्ण पूजा विधि | 31 January 2019 festival

षटतिला एकादशी व्रत तिथि महत्व और सम्पूर्ण पूजा विधि | 31 January 2019 festival षटतिला एकादशी | SHATTILA EKADASHI 31 जनवरी को है षटतिला एकादशी, व्रत को रखने से होता है पापों का नाश षटतिला एकादशी व्रत कथा माघ कृष्ण एकादशी व्रत एक समय दालभ्य ऋषि ने पुलस्त्य ऋषि से पूछा कि हे महाराज, पृथ्वी लोक में मनुष्य ब्रह्महत्यादि महान पाप करते हैं, पराए धन की चोरी तथा दूसरे की उन्नति देखकर ईर्ष्या करते हैं। साथ ही अनेक प्रकार के व्यसनों में फँसे रहते हैं, फिर भी उनको नर्क प्राप्त नहीं होता, इसका क्या कारण है? वे न जाने कौन-सा दान-पुण्य करते हैं जिससे उनके पाप नष्ट हो जाते हैं। यह सब कृपापूर्वक आप कहिए। पुलस्त्य मुनि कहने लगे कि हे महाभाग! आपने मुझसे अत्यंत गंभीर प्रश्न पूछा है। इससे संसार के जीवों का अत्यंत भला होगा। इस भेद को ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र तथा इंद्र आदि भी नहीं जानते परंतु मैं आपको यह गुप्त तत्व अवश्य बताऊँगा। उन्होंने कहा कि माघ मास लगते ही मनुष्य को स्नान आदि करके शुद्ध रहना चाहिए। इंद्रियों को वश में कर काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या तथा द्वेष आदि का त्याग कर भगवान का स्मरण करना चाहिए। पुष्य नक्षत्र में गोबर, कपास, तिल मिलाकर उनके कंडे बनाना चाहिए। उन कंडों से 108 बार हवन करना चाहिए। उस दिन मूल नक्षत्र हो और एकादशी तिथि हो तो अच्छे पुण्य देने वाले नियमों को ग्रहण करें। स्नानादि नित्य क्रिया से निवृत्त होकर सब देवताओं के देव श्री भगवान का पूजन करें और एकादशी व्रत धारण करें। रात्रि को जागरण करना चाहिए। उसके दूसरे दिन धूप-दीप, नैवेद्य आदि से भगवान का पूजन करके खिचड़ी का भोग लगाएँ। तत्पश्चात पेठा, नारियल, सीताफल या सुपारी का अर्घ्य देकर स्तुति करनी चाहिए- हे भगवान! आप दीनों को शरण देने वाले हैं, इस संसार सागर में फँसे हुअओं का उद्धार करने वाले हैं। हे पुंडरीकाक्ष! हे विश्वभावन! हे सुब्रह्मण्य! हे पूर्वज! हे जगत्पते! आप लक्ष्मीजी सहित इस तुच्छ अर्घ्य को ग्रहण करें।माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी कहते हैं। यह व्रत 31 जनवरी (बृहस्पतिवार),2019को है। षट्तिला एकादशी व्रत विधिवत तरीके से करने तथा व्रत कथा सुनने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है . कष्ट तथा दरिद्रता दूर होती है तथा स्वर्ग लोक की प्राप्ति होती हैं। shattila ekadashi vrat katha, षटतिला एकादशी व्रत कथा,विधि,महत्व।, षटतिला एकादशी कब है, षटतिला एकादशी कब है, षटतिला एकादशी व्रत कथा, षटतिला एकादशी की कथा, षटतिला एकादशी कब है, षटतिला एकादशी 2019, shattila ekadashi 2019, shattila ekadashi vrat katha, shattila ekadashi 2019 date, shattila ekadashi significance, #षटतिला_एकादशी_कब_है #षटतिला_एकादशी_2019, #shattila_ekadashi_2019, #shattila_ekadashi_vrat_katha, #shattila_ekadashi_2019_date,