मकर संक्रांति 2021 l kab hai makar sankranti l 14 or 15 january kab hai makar sankranti l 15 january

मकर संक्रांति 2021 l kab hai makar sankranti l 14 or 15 january kab hai makar sankranti l 15 january

मकर संक्रांति 2021 l kab hai makar sankranti l 14 or 15 january kab hai makar sankranti l 15 january makar sankranti l kyon manaye 15 january ko makar sankranti l 15 जनवरी को ही है मकर संक्रांति l जाने क्यों #makarsankrantikabhai #makarsankranti2022 #15januarymakarsankranti #makarsankranti मकर संक्रांति 2022 14 या 15 जनवरी कब है मकर संक्रांति --------------------------------------------------------- हमारी संस्कृति में व्रत और त्योहारों की लंबी परंपरा है. हर महीने किसी न किसी त्योहार की धूम रहती है. साल 2022 का सबसे पहला महत्वपूर्ण त्योहार मकर संक्रांति है. देश के सभी हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाया जानेवाला ये त्योहार सनातन धर्म में अपना विशिष्ट स्थान तो रखता ही है, खगोलीय परिवर्तन के हिसाब से भी विशेष है. संक्रांति यानी संक्रमण यानी प्रवेश करना. सूर्य के एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में जाने को ही संक्रांति कहा जाता है. इस हिसाब से वर्ष भर में 12 संक्रांतियां होती हैं. लेकिन उनमें मकर संक्रांति विशेष है क्योंकि मकर संक्रांति के दिन ही भगवान सूर्य उत्तरायण होते हैं. सूर्य के धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश को ही मकर संक्रांति कहते हैं. तो चलिए सबसे पहले जानते हैं कि इस वर्ष मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी या फिर 15 जनवरी को काशी पंचांग के अनुसार दिनांक 14 जनवरी दिन शुक्रवार को रात में 8 बजकर 34 मिनट पर सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. अब मकर संक्रांति का पुण्यकाल कब होगा ये जानने के लिए मुहूर्त चिंतामणि में वर्णित इस श्लोक को समझना होगा पूर्णे निशीथे यदि संक्रमः स्याद्दिनद्वयं पुण्यमथोदयास्तात् । पूर्वं परस्तात् यदि याम्यसौम्यायने दिने पूर्वपरे तु पुण्ये।। अर्थात् यदि अर्धरात्रि में सूर्य की संक्रांति हो तो दोनों दिन पुण्यकाल होता है. अब मकर और कर्क संक्रांति के लिए कहते हैं कि सूर्योदय से पहले यदि कर्क की संक्रांति हो तो पुण्यकाल पहले दिन होता है और सूर्यास्त के बाद मकर संक्रांति हो तो दूसरे दिन पुण्यकाल होता है. अब चूंकि 14 जनवरी को रात 8 बजकर 34 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे यानी मकर संक्रांति सूर्यास्त के बाद हो रही है ऐसे में पुण्यकाल दूसरे दिन यानी 15 जनवरी दिन शनिवार को होगा. इसलिए मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को ही मनाया जाएगा. .मकर संक्रांति के दिन गंगा और दूसरी पवित्र नदियों में स्नान करना और भगवान सूर्य की उपासना का विशेष महत्व है. इस दिन जप, तप, दान, स्नान, श्राद्ध, तर्पण आदि धार्मिक कर्मों का विशेष महत्व है माना जाता है कि इस दिन किया गया दान सौ गुना बढ़कर पुन: प्राप्त होता है इस दिन शुद्ध घी और कम्बल का दान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है मकर संक्रांति का महत्व भारत में धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से मकर संक्रांति का बड़ा ही महत्व है. पौराणिक कथाओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि के घर जाते हैं. शनि मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं इसलिए यह पर्व पिता-पुत्र के अनोखे मिलन से भी जुड़ा है. एक अन्य कथा के अनुसार असुरों पर भगवान विष्णु की विजय के तौर पर भी मकर संक्रांति मनाई जाती है. कथा के अनुसार मकर संक्रांति के दिन ही भगवान विष्णु ने पृथ्वी लोक पर असुरों का संहार कर उनके सिरों को काटकर मंदरा पर्वत पर गाड़ दिया था. तभी से भगवान विष्णु की इस जीत को मकर संक्रांति पर्व के तौर पर मनाया जाने लगा। लोकजीवन से जुड़ी है मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है. इस दिन से ठंड का प्रकोप कम होने लगता है और लोग नयी स्फूर्ति का अनुभव करते हैं. इसलिए ही ये त्योहार जितना उत्तर भारत में लोकप्रिय है उतना ही दक्षिण भारत में. हां नाम अलग-अलग ज़रूर हैं. पंजाब और जम्मू-कश्मीर में मकर संक्रांति के एक दिन पहले ’लोहड़ी’ की धूम रहती है. वहीं दक्षिण भारत में इसे पोंगल के नाम से मनाया जाता है. जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार में ’खिचड़ी’ के नाम से मकर संक्रांति मनाई जाती है. उत्तर प्रदेश और बिहार में दिन में दही-चूड़ा दान किया जाता है और खाया जाता है तो रात को उड़द दाल की खिचड़ी के साथ आलू-बैंगन का भुर्ता खाया जाता है. इस मौके पर कई राज्यों में पतंगबाजी की भी धूम रहती है. ❁ Please Subscribe our channel ➤    / @grahgochartv   ❁ Our Videos Playlists ❁ ❁ आज का पंचांग ➤    • आज का पंचांग 26 सितंबर 2019 aaj ka panchan...   ❁ आज का राशिफल ➤    • आज का राशिफल 25 सितंबर 2019 Aaj ka Rashifa...   ❁ पौराणिक कथा ➤    • दूसरा स्वर्ग कहां है और वो कौन था जिसने स्...