एक ही दिन पड़ रही है अष्टमी और नवमी, जानिए किस दिन करनी है नवमी की पूजा, हवन और कन्याभोज

एक ही दिन पड़ रही है अष्टमी और नवमी, जानिए किस दिन करनी है नवमी की पूजा, हवन और कन्याभोज

अधिकमास या मलमास की समाप्ति के बाद 17 अक्टूबर से दुर्गा उत्सव यानी शारदीय नवरात्रि शुरू हो चुके हैं। माता की भक्ति और उपासना का यह पर्व इस बार नौ दिन के बजाय आठ दिन का होगा। 17 से 24 अक्टूबर तक नवरात्र और उसके अलगे दिन 25 अक्टूबर को विजयदशमी (दशहरा) का पर्व मनाया जायेगा। ऐसा योग इस बार तिथियों में उतार-चढ़ाव होने से बना है। 24 तारीख को सूर्योदय के वक्त अष्टमी और दोपहर में नवमी तिथि रहेगी. इसलिए धर्मसिंधु ग्रंथ के अनुसार, अगले दिन शाम के समय यानी विजय मुहूर्त में दशमी तिथि होने से 25 अक्टूबर को दशहरा पर्व मनाना चाहिए. कन्या पूजन किस दिन करना श्रेष्ठ रहता है? क्योंकि बहुत से लोग नवरात्रि के बीच में किसी भी दिन कन्या पूजन कर देते हैं जोकि सही नहीं है। क्योंकि ऐसी मान्यता है कि कन्या पूजन के बाद माता विदा हो जाती हैं और हमें बीच नवरात्रि में माता को विदा नहीं करना चाहिए अन्यथा हमें व्रत का पूर्ण फल नहीं प्राप्त नहीं होता। तो आइये जानते हैं किस दिन करें कन्या पूजन. भारत का प्रमुख हिंदी समाचार विचार पोर्टल प्रभासाक्षी.कॉम पिछले डेढ़ दशक से भी अधिक समय से देश और विदेशों के कोने-कोने में हिंदी पाठकों का चहेता बना हुआ है। प्रभासाक्षी.कॉम पर आपको देश-विदेश, राजनीति, बॉलीवुड, खेल जगत, महिला जगत, फैशन, पर्यटन एवं स्वास्थ्य आदि से जुड़ी हर खबर मिलेगी आपको सबसे पहले, विजिट करें - https://www.prabhasakshi.com/ Follow करें हमें ट्विटर पे -   / prabhasakshi   Like करें हमारा Facebook पेज -   / prabhasakshi   सब्सक्राइब करें हमारा YouTube चैनल -    / prabhasakshinews