रावण दहन, भारतीय संस्कृति के सबसे विशाल और प्रसिद्ध त्योहार दशहरे का अनिवार्य हिस्सा है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत, सत्य की शक्ति और धर्म की स्थापना का द्योतक माना जाता है��। हर वर्ष विजयादशमी के दिन देशभर में जगह-जगह विशाल पुतले बनाकर रावण दहन किया जाता है, जिसमें लाखों लोग सम्मिलित होते हैं और जयघोष के साथ इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाते हैं��।रावण दहन आयोजन की प्रक्रियादेशभर के छोटे-बड़े शहरों और गांवों में प्रत्येक वर्ष भव्य रामलीला मंचन एवं रावण दहन का आयोजन किया जाता है। आयोजक विशेषरूप से रावण, मेघनाद, कुंभकर्ण के पुतलों को महीनों पहले तैयार करना शुरू कर देते हैं। पुतलों में आग लगाते ही आतिशबाजियों से आसमान जगमगा उठता है और “जय श्री राम” के नारे प्रमुख स्थल और आयोजनदिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, जयपुर, कानपुर, मुंबई जैसे सभी बड़े शहरों में दशहरा मैदान व रामलीला मैदानों में रावण दहन के विशेष कार्यक्रम होते हैं�। दिल्ली के लालकिला मैदान, रामलीला मैदान पर तो देश की नामचीन हस्तियां भी शामिल होती हैं, जिससे आयोजन को राष्ट्रीय मंच मिलता है�। रामायण प्रसंग और सीखराम, लक्ष्मण, हनुमान, सुग्रीव की कथा, उनकी एकजुटता और संघर्ष का मंचन हमें एकता, साहस, परोपकार और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देते हैं। रामायण के विभिन्न प्रसंगों से प्रेरणा लेकर समाज में प्रेम, भाईचारे और संस्कारों को अपनाने की शिक्षा मिलती #RavanDahan2025 ��#Dussehra2025 ��#Vijayadashami ��#RavanDahan ���#RamLeela �#FestivalOfIndia �#महापर्व �#LucknowRavanDahan �#दिल्ली ��#पटना �#बुराईपरअच्छाईकीजीत �#Fireworks �#RaipurDussehra �#DussehraCelebration �#NavratriFestival �#DesiFestival �