"मृत्यु के तीन दिन बाद क्या होता है? | ओशो प्रवचन | चेतना की अंतिम यात्रा का रहस्य" --- 📝 (Description) मृत्यु… एक ऐसा शब्द जिसे सुनते ही मन में डर, शंका और अनिश्चितता पैदा हो जाती है। लेकिन ओशो कहते हैं— “मृत्यु अंत नहीं है, बल्कि एक गहरी और अनंत यात्रा की शुरुआत है।” इस प्रवचन में ओशो बड़ी सहजता से मृत्यु के बाद के उन तीन दिनों का रहस्य खोलते हैं, जिनके बारे में आमतौर पर बहुत कम समझ पाई जाती है। शरीर के टूट जाने के बाद भी चेतना तुरंत नहीं जाती। ओशो बताते हैं कि इन तीन दिनों में चेतना एक अदृश्य पुल पर खड़ी होती है। यह समय शरीर, मन और ऊर्जा के अलग होने का समय है। इन तीन दिनों में: चेतना अपने पूरे जीवन को एक फिल्म की तरह देखती है अधूरे कर्मों और भावनाओं का हिसाब साफ होता है आत्मा निर्णय लेती है कि उसे आगे किस दिशा में जाना है और फिर शुरू होती है नई यात्रा—मुक्ति या पुनर्जन्म की ओर ओशो कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन में थोड़ी सी भी जागरूकता, प्रेम और ध्यान को विकसित कर ले, तो मृत्यु उसके लिए भय नहीं, उत्सव बन जाती है। इस वीडियो में आप समझेंगे: ✔ मृत्यु के तीन दिनों का आध्यात्मिक विज्ञान ✔ चेतना, ऊर्जा और आत्मा की गति ✔ मृत्यु को उत्सव की तरह कैसे जिया जा सकता है ✔ ध्यान का महत्व और अंतिम क्षणों की तैयारी ✔ ओशो की दृष्टि से जीवन और मृत्यु का वास्तविक स्वरूप यह प्रवचन आपके भीतर गहरी शांति जगाएगा और मृत्यु को समझने का नया दृष्टिकोण देगा। अगर आप जीवन के रहस्यों को जानना चाहते हैं, तो यह वीडियो आपके लिए अनमोल है। 🙏 ओशो की वाणी में मृत्यु, चेतना और मुक्ति का दिव्य संदेश। --- हैशटैग (Hashtags) #ओशो #OshoPravachan #MrityuKeBaad #MrityuKaRahsya #Chetna #SpiritualJourney #OshoThoughts #Moksha #Adhyatma #JeevanMaran #DeathMystery #HinduPhilosophy #Meditation #LifeLessons #ओशोवचन