सूर्य नमस्कार कि इस प्रक्रिया को कैसे किया जाता है और इससे संबंधित लाभ व सावधानियों के बारे में सूर्य नमस्कार, सूर्य के प्रति सम्मान व आभार प्रकट करने की एक प्राचीन विधि है,पृथ्वी पर सूर्य के बिना जीवन संभव नही है। जो कि पृथ्वी पर जीवन के सभी रूपों का स्रोत है। सूर्य नमस्कार की प्रक्रिया करने से हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है व बौद्धिक क्षमता का विकास होता है सूर्य नमस्कार एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा हम संपूर्ण रूप से स्वस्थ हो सकते हैं औरआध्यात्मिक उन्नति को प्राप्त कर सकते हैं: : योग ग्रंथों में कई ऋषि मुनियों के द्वारा सूर्य नमस्कार की महत्ता बताई गई है वइस के द्वारा कुंडली जागरण भी संभव है सूर्य नमस्कार में 12 आसान होते हैं। इसे सुबह के समय करना बेहतर होता है। सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से शरीर में रक्त संचरण बेहतर होता है, स्वास्थ्य बना रहता है और शरीर रोगमुक्त रहता है। सूर्य नमस्कार सिर से लेकर पैर तक शरीर के सभी अंगो को बहुत लाभान्वित करता है। यही कारण है कि सभी योग विशेषज्ञ इसके अभ्यास पर विशेष बल देते हैं। सूर्य नमस्कार के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि यह मन व शरीर को ऊर्जान्वित कर तरो ताज़ा कर देता है और दिनभर के कामो के लिए तैयार कर देता है। यदि यह दोपहर में किया जाता है तो यह शरीर को तत्काल ऊर्जा से भर देता है, वहीं शाम को करने पर तनाव को कम करने में मदद करता है। follow us on fb ; / kishor-kumrawat-110021640531000 youtube ; / @kishorawakeninghub