Download PDF: http://bit.ly/2Zt4sdt बीते दिनों FATF की एशिया प्रशांत इकाई APG ने पाकिस्तान को आतंकी वित्-पोषण एवं मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में तय किये गए मानकों के अनुरूप कार्रवाई न करने के कारण FATF की सूची में सबसे निचले पायदान पर रखने का फैसला लिया है। FATF के इस कदम से पाकिस्तान पर ब्लैक लिस्टेड होने का खतरा मंडरा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी अक्टूबर में होनेवाली FATF की बैठक में पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डालने का फैसला लिया जा सकता है। क्यूंकि FATF की एशिया प्रशांत इकाई के मुताबिक़ आतंकी वित्पोषण और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े 40 मानकों में से 32 को पाकिस्तान ने पूरा नहीं किया है। ग़ौरतलब है कि आतंकवाद को पनाह देने के कारण फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स FATF ने पाकिस्तान को जून 2018 से ग्रे लिस्ट की सूची में रखा है। पाकिस्तान की सम्पूर्ण वित्तीय व्यवस्था एवं उसके कानून प्रवर्तन तंत्र के आकलन के बाद उसे ग्रे सूची में रखा गया था। अमेरिका के फ्लोरिडा के ओरलैंडो में आयोजित बैठक के समापन पर जारी एक बयान में FATF ने चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा कि न सिर्फ पाकिस्तान जनवरी की समय सीमा के साथ अपनी ऐक्शन प्लान को पूरा करने में विफल रहा है, बल्कि वो मई 2019 तक भी अपनी कार्य योजना को पूरा करने में भी विफल रहा है। DNS में आज हम आपको FATF के बारे में बताएंगे। साथ ही समझेंगे इससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में। VOICE: ANURAG PANDEY REPORT: SANDHYA EDITOR: SONAL MISHRA