Subscribe Like And Share यह वीडियो एक बेहद गहरा और सोचने पर मजबूर करने वाला सवाल उठाता है — क्या भगवान बुद्ध ईश्वर को मानते थे? यह विषय न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से, बल्कि दार्शनिक और वैज्ञानिक नजरिए से भी बेहद महत्वपूर्ण है। इस वीडियो में हम बुद्ध के विचारों की असली समझ को आसान भाषा में जानेंगे। भगवान बुद्ध ने कभी किसी ईश्वर या सृष्टिकर्ता का खंडन (इनकार) खुलकर नहीं किया, लेकिन उन्होंने यह कहा कि “मनुष्य अपने कर्मों का स्वामी है।” उन्होंने सिखाया कि मुक्ति या निर्वाण किसी बाहरी शक्ति की कृपा से नहीं, बल्कि अपने ज्ञान (प्रज्ञा), ध्यान (समाधि) और नीति (शील) से प्राप्त होती है। बुद्ध का मानना था कि जब इंसान अपने भीतर झाँकता है और अपने दुखों के कारण को समझ लेता है, तब उसे किसी ईश्वर की जरूरत नहीं पड़ती — क्योंकि सत्य उसके अंदर ही मौजूद है। उन्होंने ईश्वर के अस्तित्व को न नकारा और न स्वीकारा, बल्कि उन्होंने कहा — “मैं उस मार्ग की बात करता हूँ जो दुख से मुक्ति की ओर ले जाए।” उनका पूरा दर्शन इस विचार पर आधारित था कि अगर तुम खुद को जान लो, तो तुम पूरे ब्रह्मांड को समझ सकते हो। इस वीडियो में आपको मिलेगा बुद्ध का असली दृष्टिकोण — बिना किसी मिथक या धार्मिक अंधविश्वास के। आप जानेंगे कि कैसे बुद्ध का दर्शन आज के आधुनिक समय में भी पूरी तरह वैज्ञानिक, तार्किक और व्यावहारिक लगता है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि बुद्ध वास्तव में ईश्वर को मानते थे या नहीं, तो यह वीडियो आपको एक नया नजरिया देगा — जहाँ “भक्ति” नहीं, “बुद्धि” और “सत्य” सर्वोच्च हैं। #Buddha #Buddhism #God #Spirituality #HindiShorts #Motivation #GautamBuddha #Knowledge NobleSilence #motivationalstory #sngoenkaji #Vipassnaquestionandanswer #vipassnameditation #vipassnadhyancentre #vipassna #motivation #peacefullmind #meditation #peaceofmind #inspiration #factsofvipassna #inspirationalstory #vipassnameditationkyahai #vipassnaexperience #vipassanameditationkefayde #benefitsofvipassnameditation