लग्न का स्वामी बारहवें भाव में हो या बारहवें भाव का स्वामी लग्न में हो,चतुर्थ का स्वामी बारहवें भाव में हो या 12 वे भाव का स्वामी चतुर्थ में हो,पंचम का स्वामी बारहवें भाव में हो या बारहवें भाव का स्वामी पंचम में हो, अष्टम का स्वामी बारहवें भाव में हो या बारहवें भाव का स्वामी कहीं अष्टम में हो, नवम का स्वामी बारहवें भाव में हो या बारहवें भाव का स्वामी नवम में हो, दसवें भाव का स्वामी बारहवें भाव में हो या बारहवें भाव का स्वामी दसवें भाव में हो,विशेषकर चतुर्थ और नवम भाव का संबंध 12 वे भाव से हो तो यहां पर बहुत सी बार विदेश यात्रा के योग विदेश में रहने के योग देखे गए हैं।