भारतीय संविधान का अनुच्छेद-10 भारत के नागरिकों की नागरिकता की निरंतरता (continuity) से संबंधित है। इस अनुच्छेद का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि— जो भी व्यक्ति अनुच्छेद-5 से अनुच्छेद-9 के तहत भारत का नागरिक माना गया है, उसे नागरिकता से जुड़े अधिकार और दायित्व आगे भी जारी रहेंगे, जब तक कि भारत की संसद किसी कानून द्वारा उसे समाप्त न कर दे। 📌 सरल भाषा में: अगर आप भारत के नागरिक हैं, तो आपकी नागरिकता बनी रहेगी, जब तक कि संसद कानून बनाकर उसे वापस न ले ले। ✅ मुख्य बिंदु नागरिकता की निरंतरता सुनिश्चित एक बार नागरिक = अधिकार जारी संसद नागरिकता समाप्त कर सकती है Citizenship Act, 1955 से संबंध अनुच्छेद-10 नागरिकता को स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करता है। 🎯 इस वीडियो में आप सीखेंगे अनुच्छेद-10 क्या कहता है? नागरिकता की निरंतरता का सिद्धांत कब नागरिकता छीनी जा सकती है? परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न यह वीडियो UPSC, SSC, Railway, Defence, Police, B.Ed, CTET, State PCS और Training Students के लिए अत्यंत उपयोगी है। ✅ Related Articles for Revision अनुच्छेद-5: आरंभिक नागरिकता अनुच्छेद-6: पाकिस्तान से आए लोगों की नागरिकता अनुच्छेद-7: पाकिस्तान से लौटे व्यक्तियों की नागरिकता अनुच्छेद-8: विदेश में बसे भारतीय मूल के नागरिक अनुच्छेद-9: विदेशी नागरिकता लेने पर भारतीय नागरिकता समाप्त अनुच्छेद-10: नागरिकता की निरंतरता