WORLD CANCER DAY.कैंसर क्या है।इसके कारण क्या हैं।कैसे बचें।हिंदी में।

WORLD CANCER DAY.कैंसर क्या है।इसके कारण क्या हैं।कैसे बचें।हिंदी में।

IN THIS VIDEO I WILL SPEAK ABOUT COMMON CAUSES OF CANCERS AND HOW TO PREVENT THEM. IN HINDI.हिन्दी में there are 100 types of cancers identifies till date but।सीओएमएमहमारे शरीर में कुल 100 तरह के अलग अलग किस्म के कैंसर पाये जाते हैं। COMMONLY FOUND CANCER ARE - BREAST CANCER LUNG CANCER CERVIX CANCER COLON AND RECTUM CANCER ORAL/THROAT/MOUTH CANCER WHAT ARE COMMON SYMPTOMS OF CANCERS. HOW MANY PATIENTS OF CANCER DIES EVERYDAY. कैंसर क्या है। इससे रोज कितनी मौतें होती हैं? भारत में इसके कितने मरीज़ हैं। हर साल कितने मरीज़ भारत में कैंसर के नए उत्पन्न होते हैं। कैंसर के मुख्य कारण क्या हैं? बीड़ी,सिगरेट, धुआं, गुटखा, पान, ज़र्दा, शराब, मोटापा, virus, इत्यादि के बारे में बताया गया है। कैंसर के क्या लख्यण होते है। इनसे प्रारंभिक अवस्था में कैसे पहचाना जा सकता है। स्तन, फेफड़े, सर्विक्स, खाद्यानंली, मुंह के कैंसर के क्या लख्यण है। स्तन के कैंसर के लख्यण यहां है कुछ और लक्षण ब्रेस्ट में सूजन ब्रेस्ट या निप्पल में दर्द निप्पल्स का अंदर की ओर धंसना निप्पल से डिसचार्ज (ब्रेस्ट मिल्क नहीं) ब्रेस्ट की स्किन या निप्पल में रेडनेस ब्रेस्ट में निप्पल के पास या कहीं भी लंप होना। आर्मपिट (बगल) में लंप होना। ब्रेस्ट के साइज में बदलाव। निप्पल्स की थिकनेस में बदलाव। निप्पल्स से खून आना। हड्डी में दर्द। फेफड़े के कैंसर के लक्ष्यण आमतौर पर इसके शुरुआती लक्षणों को आप तभी जान सकते है। जानिए इसके शुरुआती लक्षण। 1. शरीर के अंग जैसे कि पीठ, पैर, कंघे में लगातार दर्द बना रहना। 2. लंबे समय तक लगातार खांसी आना और खांसने की आवाज में परिवर्तन होना। 3. खांसते-खांसते मुंह से खून निकलना या फउिर भूरे रंग का थूक आना। 4. बार-बार सांस की नली में सूजन होना। 5. संक्रामक रोगों की गिरफ्त में जल्दी-जल्दी आना। 6. लगातार भूख में कमी आना। 7. लगातार वजन कम होना। 8. हाथ, गर्दन, चेहरे और उंगुलियों में सूजन रहना। शरीर के अंगो में कमजोरी आना। 9. बार-बार निमोनिया की शिकायत। सर्वाइकल कैंसर के कुछ लक्षण है जिनसे आपको पता लग सकता है। आइए उन लक्षणों के बारे में जानें। असामान्य रक्तस्राव संबंध बनाने के बाद अधिक मात्र में रक्तस्राव या फिर तेज दर्द होना इसका एक लक्षण हो सकता है। इसके अलावा रजोनिवृत्ति के बाद भी शारीरिक संबंध बनाने पर खून का रिसाव होना भी इसमें शामिल है। वाइट डिसचार्ज अक्सर वजाइना से सफेद बदबूदार पानी का रिसाव होना भी सर्वाइकल कैंसर का लक्षण है। इसे नजर अंदाज़ न करे और जब भी आप अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास जाये तो इसके बारे में जरुर बात करें और जरूरी टेस्ट करवाएं। पेट के निचले हिस्से में दर्द आम तौर पर मासिक धर्म के दौरान पेट के निचले हिस्से के दौरान दर्द होता है। लेकिन अगर आपके मासिक धर्म की तारीख के अलावा तेज या हल्का दर्द हो तो इसे हल्के में ना लें। इसके बारे में तुरंत डॉक्टर से बात करें। यूरीन की समस्या पेशाब की थैली में दर्द होना सर्वाइकल कैंसर का पहला लक्षण है। यह लक्षण तभी दिखता है जब कैंसर यूरीन की थैली तक पहुंच चुका हो। इसके साथ ही पीरियड्स के बीच में स्पाबटिंग या संबन्ध बनाने के बाद ब्ली डिंग होना भी इसका एक लक्षण है। ऐसा गर्भाशय ग्रीवा की जलन कि वजह से होता है, जो कि सेक्स या पीरियड होने पर तेज हो जाता है। इसके अलावा सर्वाइकल कैंसर के सामान्य लक्षण भूख कम लगना, वजन कम होना, थकान महसूस करना, अनीमिया और बोन फ्रैक्चर आदि होते हैं। कोलोरेक्टल कैंसर के संकेत एवं लक्षण पेट को आदतों में परिवर्तन कब्ज, दस्त, मल में बदलाव (पतले एंव पेंसिल आकार के) मल में रक्त या गुदा से खून जाना पेट में दर्द और तकलीक, गैस, सूजन और ऐंठन अत्याधिक कमजोरी और थकान, भूख न लगना, वजन में गिरावट पेट के निचले हिस्से में दर्द जो बीमारी बढ़ने के साथ और भी बढ़ जाता हैं कोलोरेक्टल कैंसर से ग्रस्त अधिकांश मरीजों में प्राथमिक अवस्था में उपरोक्त लक्षण नहीं पाए जाते। जब यह लक्षण दिखते है, ट्यूमर के आकार और स्थान के अनुसार ये लक्षण विभिन्न मरीजों में भिन्न हो सकते है। स्क्रीनिंग के लिये निम्नलिखित परीक्षण इस्तेमाल किये जाते है: एफ ओबीटी (मल मनोगत रक्त परीक्षण): इस परीक्षण में मल के नमूने मे रक्त की उपस्थिति का पता लगाया जाता है। मल में रक्त बडी आंत के पॉलिप या कैंसर के कारण आ सकता है। सिग्मोइडोस्कोपी: (इस विधि में एक लचीली ट्यूब का प्रयोग किया जाता है, जिसमें एक तरफ प्रकाश स्रोत्र होता है। इस ट्यूब को मलाशय में से बडी आंत के निचले हिस्से के पॉलिप या कैंसर देखने के लिए अन्दर डाला जाता है। कोलोनोस्कापी: इसमे एक लंबी, लचीली ट्यूब द्वारा समस्त बड़ी आंत का निरीक्षण पॉलिप अथवा ट्यूमर के लिये किया जाता है। मुंह के कैंसर के लख्यण 1. आपके मुंह में अगर अल्सर हो तो दो से तीन दिन में ठीक हो जाता है और यह एक सामान्य समस्या है। लेकिन अगर ये अल्सर 15 दिन तक ठीक न हो तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। लंबे समय तक अल्सर होना मुंह के कैंसर का लक्षण है। 2. मुंह के अंदर कहीं गांठ महसूस हो रही हो तो फौरन डॉक्टर के पास जाए। मुंह के अंदर किसी भी हिस्से जैसे गले में, होंठ पर भी गांठ दिखाई दे तो इन गांठो की जांच कराएं। ये कैंसर की गांठे भी हो सकती है। 3. अगर आपका मुंह बार-बार सुन्न हो जाता है तो इस संकेत को इग्नोर न करें। यह मुंह के कैंसर के लक्षणों में से एक है। 4. कई लोगों को गले में टॉन्सिल की समस्या होती है। खाने-पीने या कुछ निगलने में गले में दर्द महसूस होता है लेकिन अगर यह चीजें लगातार हो रही है तो जांच जरूर कराएं। 5. मुंह से खून आने लगे तो इसे कतई नजरअंदाज न करें। बिना किसी कारण मुंह से खून बहना मुंह के कैंसर का संकेत हो सकता है। इन्हें कैसे जल्दी जाना सकता है और इससे कैसे बचा जा सकता है। आइये जानते हैं। डॉ लाठ। #HOW TO PREVENT CANCER IN HINDI