#leptospirosis #health #disease Leptospirosis बीमारी होती कैसे है? - [Hindi] - Quick Support Shorts. बीमारी होती कैसे है यानी बैक्टीरिया का ये इन्फेक्शन बॉडी में ट्रांसमिट कैसे होता है. तो जब एक इन्फेक्टेड एनिमल के यूरिन या रिप्रोडक्टिव fluids के direct कॉन्टैक्ट में आया जाता है, तो ये इन्फेक्शन हो सकता है। इसके अलावा contaminated यानी दूषित पानी और मिट्टी के कॉन्टैक्ट में आने से और ऐसा पानी पीने और खाना खाने से भी ये इन्फेक्शन बॉडी में ट्रांसमिट हो सकता है। मुँह, नाक और आँखों के जरिये तो ये बैक्टीरिया बॉडी में एंटर होता ही है, साथ ही स्किन में अगर कोई कट लगे हों तो उनमें से होते हुए भी ये इन्फेक्शन बॉडी में पहुँच जाता है। बॉडी में पहुँचने के बाद ये बैक्टीरिया, ब्लड के साथ ऑर्गन्स तक पहुँचता है और इस तरह ये kidneys तक पहुँच जाता है। kidneys यूरिन के जरिये बॉडी के टॉक्सिक matter को बाहर निकालती है, जिसके साथ ये बैक्टीरिया भी बॉडी से बाहर निकल जाता है और फिर ये बैक्टीरिया दूसरे जानवरों और इंसानों तक फैलता जाता है। लगभग हर मैमल को ये इन्फेक्शन हो सकता है, फिर चाहे वो डॉग हो या हॉर्स। ये भी हो सकता है कि उनमें बीमारी के कुछ सिम्टम्स हों या कोई सिम्टम ना हो। ऐसे एनिमल्स जो leptospirosis से इन्फेक्टेड होते हैं, वो पानी और मिट्टी को contaminate कर सकते हैं और इस contaminate पानी और मिट्टी से ही ये Leptospira बैक्टीरिया स्प्रेड होता जाता है। तेज बारिश के बाद ये इन्फेक्शन बहुत सारे लोगों को एक साथ अफेक्ट कर सकता है क्योंकि बारिश का पानी हर जगह पहुँचता है और उसके साथ ये बैक्टीरिया भी नदी, झीलों और नहरों के जरिये हर जगह पहुँच जाता है इसलिए तेज बारिश वाले इलाकों में, ख़ासकर ट्रॉपिकल एरियाज और गर्म क्लाइमेट वाले इलाकों में ये इन्फेक्शन ज्यादा होता है।