Glacier Burst - Flood Scare - Glacier Collapse - Glacier Break - Latest News Update | Spark News Hindi glacier burst spark news glacier burst in Uttarakhand glacier burst in chamoli district glacier burst chamoli Uttarakhand glacier Uttarakhand glacier burst Uttarakhand news glacier glacier the glacier breaking news Hindi News news top stories chamoli disaster Hindi news video latest news update news update glacier collapse climate change global warming glacier break hydropower hydropower plant hydro power tapovan dam ndrf team itbp #Glacier_Burst_Uttarakhand #Glacier_Collapse_Uttarakhand #Glacier_Break_Uttarakhand विकराल रूप में आई बाढ़ ने सब कुछ तहस नहस कर दिया। देवभूमि में आई ये बाढ़ 2013 के केदारनाथ आपदा की याद दिलाता है। दिल दहला देने वाला ये मंज़र फिर एक बार उत्तराखण्ड के लिए काल बनकर आया है। नमस्कार आप देख रहे है स्पार्क न्यूज़ और मै हू आपके साथ निधि। उत्तराखंड में फिर एक बार दिल दहला देने वाला मंज़र सामने आया है। 7 फरवरी को उत्तराखण्ड के चमोली जिले के रेनी गांव के पास एक पॉवर प्रोजेक्ट के पास GLACIER का एक हिस्सा टूट जाने की वजह से धौलीगंगा नदी के जल स्तर में भारी बढ़ोतरी हो गई, जिसकी वजह से जोशीमठ क्षेत्र में लोगों को भीषण बाढ़ का सामना करना पड़ा। घटना रेनी गांव के पास हुई, जो जोशीमठ से 26 किमी दूर है। धौलीगंगा नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो गई और इसके किनारे कई घर नष्ट हो गए। घटना के बाद ऋषिकेश,हरिव्दार समेत कई मैदानी ईलाको में एलर्ट जारी कर दिया गया था। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी की ITBP ने कहा कि लगभग 10 बजे कुछ बादल फटने या जलस्तर में हुई बढोतरी से धौलीगंगा नदी में बाढ़ आ गई, जोकि गंगा नदी के 6 स्रोत धाराओं में से एक है। ग्लेशियर टूटने के बाद ऋषि गंगा पनबिजली परियोजना में काम करने वाले कई मजदूरों के लापता होने की खबर थी।तपोवन बिजली परियोजना का एक बांध पूरी तरह से तहस नहस हो गया। इस घटना में काफी लोग मलबे के नीचे फस गए। जिसके बाद आईटीबीपी और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल यानी की SDRF के कर्मियों को फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए प्रभावित इलाकों में भेजा गया। ITBP के जवान संकरी सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटे हैं। ITBP के जवानो द्वारा जब लोगो को बाहर निकाला गया तो उनमें से एक मज़दूर ने अपनी आपबीती सुनाई। आइए आपको भी दिखाते है क्या कहा उस शख्स ने। बचाए गए शख्स ने कहा, 'सुरंग के अंदर मलबा हमारी गर्दन तक भर गया था, मैं खुद सरिया पकड़कर बाहर आया हूं.' जब उससे पूछा गया कि सुरंग में घबराहट तो नहीं हो रही थी, इस पर उसने ना में जवाब दिया. आपको बता दे कि चमोली में नंदा देवी ग्लेशियर का एक हिस्सा टूट जाने की वजह से ऋषिगंगा घाटी में अचानक बाढ़ आ गई। इससे वहां दो HYDROPOWER PROJECT में काम कर रहे कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जिनके शव अलग-अलग जगह से बरामद किए गए हैं। हादसे के बाद NTPC की तपोवन-विष्णुगाड HYDROPOWER PROJECT और ऋषिगंगा परियोजना HYDROPOWER PROJECT को बड़ा नुकसान हुआ है।तपोवन परियोजना की एक सुरंग में फंसे सभी 15 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि लगभग 125 अब भी लापता हैं। बता दे कि ऋषिगंगा में करीब सुबह 10:45 बजे अचानक बाढ़ आ गई। ये घ़टना हुई एक GLACIER का हिस्सा टूट जाने से धौलीगंगा में आई बाढ़ की वजह से। अचानक आई इस बाढ़ नें ऋषि गंगा हाइड्रो प्रोजेक्ट को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। बाढ़ में गांव के कई घर भी बह गए और तपोवन के पास धौली गंगा नदी पर NTPC की एक परियोजना पूरी तरह तहस-नहस हो गई। नदी की दूसरी ओर के गांवों को जोड़ने वाले दो झूला पुल भी बह गए। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी की ITBP सेना और NDRF की टीमों के करीब 250 जवान घटना स्थल पर बचाव और तलाशी अभियान चला रहे है। ______________________ Like, Comments, Share, Subscribe: YouTube Subscribe: https://bit.ly/32xdESw Facebook: / sparknews.in Twitter: / sparknewsin Instagram: / sparknewsin Website: https://sparknews.in Email: [email protected] WhatsApp: +91-9990081460