नवरात्रि के नौवें दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मार्कण्डेय पुराण के अनुसार, मां सिद्धिदात्री के पास आठ प्रकार की सिद्धियां हैं — अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्रकाम्य, ईशित्व और वशित्व। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव ने मां सिद्धिदात्री की कठोर तपस्या कर आठों सिद्धियों को प्राप्त किया था। मां सिद्धिदात्री की कृपा से ही भगवान शिव का आधा शरीर देवी हो गया था और वह अर्धनारीश्वर कहलाएं। साथ ही मां सिद्धिदात्री को देवी सरस्वती का भी स्वरूप माना गया है। मां दुर्गा के नौ रूपों में यह रूप बहुत ही शक्तिशाली रूप है। मां सिद्धिदात्री को देवी सरस्वती का भी रूप माना गया है, और उनका स्वरूप तेजस्वी, शुभता देने वाला और दिव्य है। महिषासुर वध की कथा में यह वर्णन है कि सभी देवताओं के तेज से एक दिव्य शक्ति का निर्माण हुआ, जो थीं मां सिद्धिदात्री — यानी सभी सिद्धियों को देने वाली देवी। मां की चार भुजाएं हैं – चक्र, गदा, शंख और कमल उनके हाथों में सुशोभित हैं। वे सिंह और कमल पर विराजमान होती हैं, और बैंगनी व लाल रंग उन्हें अत्यंत प्रिय हैं। . . अगर आपको वीडियो अच्छी लगे तो like , शेयर और सब्सक्राइब करना न भूले। . . #youtubevideo #youtube #hindurituals #hindufestival #chaitranavratri2025 #chaitranavratri #navratrispecial #navratri2025 #navratrinavandin #maasidhidatri #maasidhidatrikatha #maasidhidatripuja #pujavidhi #mantra #Bhog #navratricolour #maasidhidatripujavidhi #navratri9thday #Jaisidhidatri