विपुल सिंह, पटना : मठ-मंदिरों की जमीन पर कब्जा करनेवाले या फिर गलत तरीके से इसे खरीदने वालों की अब खैर नहीं। सरकार इस मामले में सख्त हो गई है और कड़ी कार्रवाई का मूड बना चुकी है। ऐसी जमीन को न सिर्फ खाली कराई जाएगी, बल्कि ऐसे लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्हें जेल भी भेजा जाएगा। राज्य के भूमि सुधार मंत्री राम सूरत राय ने बुधवार को यह संकेत दिया। उन्होंने कहा कि मठ-मंदिर की जमीन का मतलब भगवान की जमीन। यह जमीन केयर टेकर हों या कोई अन्य, किसी को भी बेचने का अधिकार नहीं है। मंदिर की जमीन बेचकर मंदिर का निर्माण कराना, यह किसी कानून में नहीं है। हां, यदि उस जमीन से किसी प्रकार की उपज हो रही या किराया मिल रहा है तो उसका उपयोग मंदिर संचालित करनेवाले भोग लगाने सहित अन्य कार्यों में कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि धार्मिक न्यास प्राधिकार ने आग्रह किया था कि मठ-मंदिरों की जमीन को एक व्यवस्था बनाकर सरकार के अधीन कर दिया जाए। इसको लेकर काम किया जा रहा है। सरकार मठ-मंदिरों की जमीन को केयर टेकर के रूप में देखेगी। जब इस प्रकार की व्यवस्था बन जाएगी, तब मठ-मंदिर की जमीन नहीं बिकेगी। इतना ही नहीं, जिनलोगों ने जमीन खरीद ली है। मोटेशन करा लिया है, वैसी स्थिति में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर जमीन वापस ली जाएग। दाखिल खारिज करवानेवाले का मोटेशन भी कैंसिल किया जाएगा। पूर्णिया में पिछले दिनों 250 बीघा जमीन पर कब्जा की खबरें सामने आई थीं। इसको लेकर राम सूरत ने कहा कि इस मामले को देखा जा रहा है। अगर, वाकई में शिव-पार्वती या किसी भगवान के नाम पर जमीन है तो पेपर मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। तत्काल धार्मिक न्यास ही इन सब विषयों को देख रहा है। मंत्री ने कहा कि बिहार के सीमांचल इलाकों में जमीन कब्जा कर कुछ विदेशी लोग रह रहे हैं, इस मामले की जांच कराई गई थी। डीएम की रिपोर्ट भी आई थी। इस मामले को भी देखा जा रहा है। --- Track: News Room News Music provided by: Youtube Studio Twitter: / digital_news202s :21 Instagram: / digitalnews2 02igshid:1 2m6qc65f6r02 Facebook: / digitalnews 20/pref:bookmarks