राजसिंहासनों की अकल्पित ऊँचाई और भव्य चकाचौंध के बीच खड़े होने के बाद भी वनवास के कठिन पलों में उन्हें सहारा देने वाले मित्र केवट के प्रति मेरे राघवेंद्र का यह कृतज्ञ भाव ही मित्रता की वह सम्यक् परिभाषा है जिसके सैकड़ों उदाहरण भारतीय संस्कृति में आज भी सहज ही उपलब्ध हैं। मित्रता के स्नेहिल रिश्ते को समर्पित आज के इस विशेष दिन की अशेष शुभकामनाएँ ! ❤️🙏🏻 #kumarvishwas #friendshipday #Ram Follow us on :- YouTube :- / kumarvishwas Facebook :- / kumarvishwas Twitter :- / drkumarvishwas Instagram :- / kumarvishwas