भव्य और भाग्य की पाँचवीं वर्षगांठ भव्य और भाग्य अपने पाँचवें जन्मदिन का इंतजार पिछले दो–तीन महीनों से कर रहे थे। हर दिन वे कैलेंडर में तारीख़ देखते, पार्टी के बारे में सवाल पूछते और अपनी पसंद की चीज़ों की लिस्ट बनाते। उनकी मासूम उत्सुकता देखकर घर का हर कोना पहले ही उत्सव जैसा हो गया था। अंततः वह खास दिन आ ही गया। सुबह घर रंग-बिरंगे गुब्बारों, रिबन और चमकीली लाइटों से सजा था। दोनों तैयार होकर खुशी से उछल पड़े। इस बार पार्टी का थीम था “जादुई कार्निवल”, जिसके बारे में वे लंबे समय से सपने देख रहे थे। पार्टी के वेन्यू को एक छोटे मेले की तरह सजाया गया—रिंग टॉस, फेस पेंटिंग, जादूगर का शो और कॉटन कैंडी स्टॉल बच्चों को रोमांचित कर रहे थे। जैसे ही भव्य और भाग्य अपने दोस्तों के साथ खेलते, हँसी की गूँज पूरे हॉल में फैल जाती। केक कटिंग का पल सबसे खास था। उनके सामने बड़ा कार्निवल-थीम वाला डबल केक था। मोमबत्तियाँ बुझाते समय दोनों की आँखों में महीनों का इंतजार और आज की खुशी चमक रही थी। यह जन्मदिन सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि दो छोटे दिलों की उन इच्छाओं का पूरा होना था जिन्हें वे महीनों से सँजोए हुए थे।