सरस्वती पूजा विद्या, बुद्धि, कला और संगीत की देवी माँ सरस्वती को समर्पित पर्व है। यह भारत में खासकर छात्रों, शिक्षकों, कलाकारों और संगीतकारों द्वारा बहुत श्रद्धा से मनाया जाता है। 🌼 सरस्वती पूजा कब होती है? हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को इसे वसंत पंचमी भी कहा जाता है आमतौर पर जनवरी–फरवरी में पड़ती है 🌼 माँ सरस्वती कौन हैं? माँ सरस्वती को: श्वेत वस्त्र में हंस पर विराजमान हाथों में वीणा, पुस्तक और माला के साथ दिखाया जाता है ये प्रतीक बताते हैं: श्वेत वस्त्र → शुद्धता वीणा → कला व संगीत पुस्तक → ज्ञान हंस → विवेक 🌼 सरस्वती पूजा का महत्व ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति के लिए पढ़ाई में सफलता के लिए कला, संगीत और रचनात्मकता के विकास के लिए बच्चों की पहली पढ़ाई (विद्यारंभ) भी इसी दिन कराई जाती है 🌼 पूजा विधि (संक्षेप में) प्रातः स्नान कर पीले या सफेद वस्त्र पहनें माँ सरस्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें पुस्तकें, कलम, वाद्य यंत्र माँ के चरणों में रखें पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य अर्पित करें सरस्वती वंदना व मंत्र का पाठ करें इस दिन पढ़ाई शुरू करना शुभ माना जाता है