History Revisited | नेताजी की मौत क्यों आज भी रहस्य | Netaji Subhas Chandra Bose Death Mystery

History Revisited | नेताजी की मौत क्यों आज भी रहस्य | Netaji Subhas Chandra Bose Death Mystery

Description: सन 1995 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान आईएनए से जुड़े कुछ वृद्ध जापानी सैनिक ने भारत सरकार से अपील की कि वह नेता जी की अस्थियों को भारत लेकर आए। माना यह जाता था कि ताइवान की हवाई दुर्घटना के बाद नेताजी का अंतिम संस्कार वहीं कर दिया गया था और तत्पश्चात उनके अस्थियों को जापान लाकर टोक्यो के एक बौद्ध मंदिर जिसका नाम रेनकोजी मंदिर था में रख दिया गया। प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव, गृह मंत्री एसबी चव्हाण, विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने इस अपील को लेकर विचार विमर्श किया। इंटेलिजेंस ब्यूरो की टिप्पणी तर्कसंगत थी- "अगर अस्थियां भारत में लाई गयी तो बहुत संभव है कि पश्चिम बंगाल के लोग इसे नेताजी की मृत्यु की आधिकारिक कहानी को उन पर थोपने का एक तरीका समझें, यह गलत हो सकता है।" प्रणब मुखर्जी सन 1995 में नेताजी के निधन के रहस्य को सुलझाने के लिए निकल पड़े। करीब दस साल बाद जस्टिस मुखर्जी की रिपोर्ट के अनुसार प्रणब मुखर्जी उन गवाहों में से थे जिन्होंने ताईवान में नेताजी के निधन की पुष्टि की थी। बात 1985 की है माह सितंबर की 16 तारीख उत्तर प्रदेश में अयोध्या से सटे फैजाबाद के सिविल लाइंस स्थित राम भवन के बाहर अचानक लोगों का हुजूम उमड़ने लगा था। भगवन और गुमनामी बाबा नामक उस शख्स के बारे में लोग यह फुसफुसाहट सुनते रहे थे कि वह शायद नेताजी सुभाष चंद्र बोस है जो वहां गुमनामी में रह रहे हैं। यह भी कहा जाता रहा था कि उनकी शक्ल बिल्कुल नेताजी सुभाष चंद्र बोस से मिलती है। जिनकी कथित तौर पर 1945 में ताइवान में एक विमान हादसे में मौत हो चुकी थी। जाहिर है कि इस बात के कौतुहल में ही कि क्या क्या वाकई गुमनामी बाबा ही नेताजी हैं, आखिर वे दिखते कैसे हैं। लोग उनकी एक झलक पाने को व्यग्र हुए जा रहे थे। भारत का प्रमुख हिंदी समाचार विचार पोर्टल प्रभासाक्षी.कॉम पिछले डेढ़ दशक से भी अधिक समय से देश और विदेशों के कोने-कोने में हिंदी पाठकों का चहेता बना हुआ है। प्रभासाक्षी.कॉम पर आपको देश-विदेश, राजनीति, बॉलीवुड, खेल जगत, महिला जगत, फैशन, पर्यटन एवं स्वास्थ्य आदि से जुड़ी हर खबर मिलेगी आपको सबसे पहले, विजिट करें - https://www.prabhasakshi.com/ Follow करें हमें ट्विटर पे -   / prabhasakshi   Like करें हमारा Facebook पेज -   / prabhasakshi   सब्सक्राइब करें हमारा YouTube चैनल -    / prabhasakshinews   Join this channel to get access to perks:    / @prabhasakshinews