मंडी में मिल रहे अच्छे भाव, किसानों की बल्ले-बल्ले, सरसों से अटी मंडी...

मंडी में मिल रहे अच्छे भाव, किसानों की बल्ले-बल्ले, सरसों से अटी मंडी...

👉Subscribe Youtube = #mewatcitynews समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू भी नहीं हुई है और अनाज मंडी सरसों में लबालब भरने लगी है देर रात तक मंडी में चहल-पहल बनी हुई है सरसों की आवक बढ़ने के साथ सरसों खरीद करने वाले आढती भी व्यस्त है ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार खुले बाजार में सरसों के भाव समर्थन मूल्य से भी ज्यादा मिल रहा है हर बार समर्थन मूल्य पर सरसों खरीद का इंतजार करने वाले किसान अब खुले बाजार में ही अपनी फसल बेच रहे हैं उम्मीद भी यही है कि इस बार समर्थन मूल्य पर सरसों का में बिकने वाली है आपको बता दे फसल निकलने के बाद किसान सरसो को मंडी में ला रहे हैं तथा यहां खुले बाजार में ही बेच रहे हैं सरसों का समर्थन मूल्य इस बार 4650 रुपये है जबकि खुले बाजार में सरसों 4700 से लेकर 5400 रुपये तक बिक रही है सरसों के भाव 6000 तक मिल रहे हैं अभी तक मंडी में 4000 से ज्यादा कट्टे सरसों के आ भी चुके हैं वही मार्केट कमेटी के सचिव सत्य प्रकाश यादव ने बताया कि मंडी में सरसों की फसल आनी शुरू हो गई है तथा किसानों को अच्छे भाव मिल रहे हैं सरकारी खरीद का अभी शोयडुल आया नहीं है शोडूल आते ही सरकारी खरीद भी शुरू कर दी जाएगी मंडी में सभी प्रकार की व्यवस्था भी पूरी कर दी गई है जिससे किसानों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो जिले की ताजा खबर ,,,, चेंनल को सब्सक्राइब जरूर करें। = दमदार खबर ,,,,,,, हर खबर पर पैनी नजर ,,,,,,, हम दिखाते है सच का आइना , , ,, = साथियो यह चेंनल मेवात क्षेत्र का नंबर एक चैंनल बन गया है सिर्फ आपकी मेहनत है। = रोजाना देखना न भूलें मेवात क्षेत्र की छोटी बड़ी खबर ,, = हर गली मोहल्ले की खबर देखते रहे सिर्फ पत्रकार लियाकत अली के साथ ,,,,,,= सम्पर्क ;- 8053025663 मेल ;- [email protected] नॉट : अगर आपके पास है कोई खबर तो हमें वाट्सएप्प कर सकते है ,,,,हमारी तरफ से आपको गोपनीय रखा जायेगा। Copyright Disclaimer - Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for "fair use" for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing. Non-profit, educational or personal use tips the balance in favor of fair use.