माला तिलक पहन मनमाना, लोगन राम खिलौना जाना || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2024)

माला तिलक पहन मनमाना, लोगन राम खिलौना जाना || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2024)

🧔🏻‍♂आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquir... 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?... 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/de... iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya... 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articl... ➖➖➖➖➖➖ #AcharyaPrashant #आचार्यप्रशांत #Philosophy #BhagavadGita वीडियो जानकारी: 17.09.24, संत सरिता, ग्रेटर नोएडा माला तिलक पहरि मन माना, लोगनि राम खिलौना जाना || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2024) 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 0:45 - जीव और उसके जगत का संबंध 2:16 - मछली का अनुकूलन (Adaptation) और बदलाव 4:22 - अहंकार और अनुकूल जगत की कहानी 8:37 - शरीर की स्थिरता और बदलाव की प्रकृति 10:32 - अहंकार का जगत और मछली का उदाहरण 15:47 - कल्पना पर टिका अहंकार का जगत 19:45 - अहंकार और कहानियों का ताना-बाना 25:11- अपनी कहानियों के पीछे का स्वार्थ 30:06 - व्यवहृत (Practiced) धर्म और परंपराओं का उद्देश्य 35:02 - लोक धर्म और वास्तविक धर्म का अंतर 41:22 - कहानियों के माध्यम से स्वार्थ को छुपाना 47:26 - अहंकार और कहानियों में छुपी चालाकी 51:55 - सच्चाई से दूर रहने का कारण 57:09 - अहंकार का तथ्य और कहानी का भ्रम 1:02:10 - अहंकार को समझाने की कठिनाई 1:08:23 - कहानी और तथ्य का संबंध 1:12:32 - राम और वास्तविकता की दूरी 1:15:37 - कहानी बनाने से खुद को कैसे रोकें 1:26:59 - सही और गलत का केंद्र 1:29:12 - भजन और समापन विवरण: अहंकार अपने अस्तित्व को बचाने के लिए कहानियों की रचना करता है। जैसे मछली को अपने जगत के अनुकूलता की जरूरत होती है, वैसे ही अहंकार भी अपने अनुकूल जगत चाहता है। वास्तविकता को बदलने के बजाय, अहंकार अपनी कहानियों को बदलकर खुद को सही ठहराने की कोशिश करता है। धर्म, परंपराएं और समाज द्वारा रचित कहानियां अक्सर अहंकार को स्थिर रखने का साधन बनती हैं। वास्तविक धर्म का उद्देश्य अहंकार को मिटाना है, जबकि लोक धर्म अहंकार को सुरक्षित रखता है। सत्य को स्वीकार करने और कहानियों से बाहर निकलने की प्रक्रिया ही सच्ची मुक्ति का मार्ग है। कहानियों के केंद्र पर ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि वही जीवन को दिशा देता है। 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFwe... संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~