यह कहानी है रामू नाम के एक मेहनती लेकिन गरीब किसान की, जो अपनी फसल अच्छी न होने से बहुत निराश था। एक दिन, जब वह उदास बैठा था, तो उसे एक साधु मिले। रामू की ईमानदारी और मेहनत देखकर साधु ने उसे एक जादुई बीज दिया। रामू ने उस बीज को बोया और जल्द ही उससे सोने के सिक्कों वाला एक पौधा उगाया! रामू ने इस धन का उपयोग न केवल अपनी गरीबी दूर करने के लिए किया, बल्कि पूरे गाँव की मदद भी की। यह कहानी हमें बताती है कि कड़ी मेहनत, ईमानदारी और दूसरों की मदद करने का फल हमेशा मीठा होता है। पूरी कहानी जानने के लिए वीडियो देखे