श्रीमद्भगवद्गीता सार: अध्याय 10 विभूति योग |  Shrimad Bhagwad Geeta Saar | Gita, Saar | MANOJ MISHRA

श्रीमद्भगवद्गीता सार: अध्याय 10 विभूति योग | Shrimad Bhagwad Geeta Saar | Gita, Saar | MANOJ MISHRA

🙏जय श्री कृष्ण🙏श्रीमद्भगवद्गीता सार:अध्याय 10 विभूति योग,Vibhuti Yog, Shrimad Bhagwad Geeta Saar, Gita, MANOJ MISHRA🙏 भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 10 में विभूति योग की परिभाषा को व्यक्त किया है। इस अध्याय में श्रीकृष्ण ने अपनी भव्य और दीप्तिमान महिमा का वर्णन किया है जिससे अर्जुन को भगवान में अपना ध्यान केन्द्रित करने में सहायता मिल सके | श्रीकृष्ण बताते हैं कि वे सृष्टि में प्रकट प्रत्येक अस्तित्व का स्रोत हैं। मन की सभी प्रकार की शंकाओं से मुक्ति दिलाने वाला ज्ञान ही परम सत्य है, मनुष्य के अंदर जितने भी भाव उत्पन्न होते हैं वो सभी भगवान श्री कृष्ण के कारण ही हैं। मनुष्य तो केवल निमित्त मात्र हैं। संसार में जितने भी जीवों की उत्पत्ति हुई है उन सभी का उद्गम श्री कृष्ण से ही प्रकट होता है अर्थात श्री कृष्ण की इच्छा से ही ये सभी उत्पन्न हुए हैं। श्री कृष्ण ने ही इस समस्त संसार की रचना की है। मनुष्यों में विविध प्रकार के गुण उन्हीं से उत्पन्न होते हैं। सात महर्षि, चार महान ऋषि और चौदह मनुओं का जन्म उनके मन से हुआ और बाद में संसार के सभी मनुष्य इनसे प्रकट हुए। जो यह जानते हैं कि सबका उद्गम भगवान हैं, वे अगाध श्रद्धा के साथ उनकी भक्ति में तल्लीन रहते हैं। श्री कृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि विभूति योग में मैं सभी जीवित प्राणियों के हृदय में स्थित हूँ। मैं ही समस्त जीवों का आदि, मध्य तथा अन्त हूँ। मैं सभी प्राणियों का जनक बीज हूँ। कोई भी चर या अचर मेरे बिना नहीं रह सकता। मेरे अनन्य भक्त जब आपस में मिलकर मेरा ही गुणगान करते हैं वो सभी मेरी ही भक्ति में तल्लीन रहते हैं जिससे उनके अंतःकरण का अँधेरा दूर हो जाता है और ज्ञानमयी प्रकाश से उनका जीवन धन्य हो जाता है। ऐसे भक्त मेरी महिमा की चर्चा कर पूर्ण संतुष्टि एवं मानसिक शांति प्राप्त करते हैं और अन्य लोगों को भी जागृत करते हैं क्योंकि उनका मन मुझ में एकीकृत हो जाता है। इसलिए भगवान उनके हृदय में बैठकर उन्हें दिव्य ज्ञान प्रदान करते हैं ताकि वे उन्हें सुगमता से प्राप्त कर सकें। भगवान श्री कृष्ण ही संसार के परम स्वामी हैं। भगवद् गीता:- भगवद् गीता एक महान ग्रन्थ है। युगों पूर्व लिखी यह रचना आज के धरातल पर भी सत्य साबित होती है। जो व्यक्ति नियमित गीता को पढ़ता या श्रवण करता है, उसका मन शांत बना रहता है। आज के कलयुग में भगवद् गीता पढ़ने से मनुष्य को अपनी समस्याओं का हल मिलता है आत्मिक शांति का अनुभव होता है। आज का मनुष्य जीवन की चिंताओं, समस्याओं, अनेक तरह के तनावों से घिरा हुआ है। यह ग्रन्थ भटके मनुष्यों को राह दिखाता है। गीता को, धर्म-अध्यात्म समझाने वाला अनमोल काव्य कहा जा सकता है। सभी शास्त्रों का सार एक स्थान पर कहीं एक साथ मिलता हो, तो वह स्थान है-गीता। गीता रूपी ज्ञान नदी में स्नान कर अज्ञानी सद्ज्ञान को प्राप्त करता है। पापी पाप-ताप से मुक्त होकर संसार सागर को पार कर जाता है। मन को शांति मिलती है, काम, क्रोध, लोभ, मोह दूर होता है। गीता का अध्ययन करने वाला व्यक्ति धीरे धीरे कामवासना, क्रोध, लालच और मोह माया के बंधनों से मुक्त हो जाता है। आज भी राजनीतिक या सामाजिक संकट के समय लोग इसका सहारा लेते हैं। मन नियंत्रण में रहता है। सच और झूठ का ज्ञान होता है। आत्मबल बढ़ता है। सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है तो आइये हम सभी इस अद्भुत ज्ञान को प्राप्त करें | भगवद् गीता के इस सार को श्रवण करने से आशा है हम सभी को अवश्य आत्मज्ञान और आत्मिक सुख की अनुभूति होगी | आशा है हमारा ये प्रयास आप सभी को लाभ प्रदान करेगा | Video Link:    • श्रीमद्भगवद्गीता सार: अध्याय 10 विभूति योग...   Bhagwad Geeta All Parts:    • श्रीमद् भगवद् गीता सार Shrimad Bhagwad Gee...   Geeta Updesh: श्रीमद्भगवद्गीता सार: अध्याय 10 विभूति योग, Shrimad Bhagwad Geeta Saar | Gita, Saar | MANOJ MISHRA Vaachak: Manoj Mishra Explainer: Shardul Rathod Music: Shardul Rathod Lyrics: Traditional Mixed & Mastered By: Dattatray Narvekar Album: श्रीमद्भगवद्गीता सार: अध्याय 10 विभूति योग, Shrimad Bhagwad Geeta Saar | Vibhuti Yog | Gita, Saar | MANOJ MISHRA Music Label: T-Series #TSeriesBhaktiSagar #manojmishra #shrimadbhagwatkatha #geetasaar #geetasaarinhindi #bhagavadgita #bhagwadgeeta #bhagwadgita #gulshankumar #devotionalsongsvideo #devotionalvideo #bhaktisongs #bhaktibhajan #religious #spiritual If You like the video don't forget to share with others & also share your views. Stay connected with us!!! ► Subscribe:    / tseriesbhakti   ► Like us on Facebook:   / bhaktisagartseries   ► Follow us on Twitter:   / tseriesbhakti