शालिग्राम से तुलसी का विवाह करके तुलसी को सिंदूर ,हल्दी ,चुनरी चढाये और सोलह सृंगार की वस्तुये चढ़ा कर किसी ब्रह्मणी को या पूज्य सुहागन को दे उनका भी आशीर्वाद ले। तुलसी हेम रूपा च रत्न रूपा च मंजरी भव मोक्ष प्रदा तुभ्यं जलं अर्पियामी हरिप्रिये इस मंत्र से जल चढ़ाएं आज घी के 5 या 7 या 11 या 21 दीप तुलसी के पास ऐसे लगाए की माँ तुलसी को इनकी आंच ना लगाए अर्थात थोड़ा दूरी पर रखे। जय माता दी जरूर लिखे माँ सभी का कल्याण करे ,मंगल करे