#indvsaus #harmanpreetkaur साल बदला, शहर बदला, मैच बदला लेकिन नतीज नहीं बदला. एक बार फिर भारतीय लड़कियां ऑस्ट्रेलिया से हार गई और करोड़ों सपने एक बार फिर चकनाचूर हो गए. पांच बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने करोड़ों दिल दुखाए, लेकिन इसमें ऑस्ट्रेलिया की मैहनत से ज्यादा भारतीय खिलाड़ियों की गलतियों का दोष है. इस हार के तीन कारण हैं. जिनसे बचा जा सकता था. पहले ये तस्वीर देखिए, हरमनप्रीत कौर का बल्ला अटक गया और वो उसी तरीके से आउट हो गईं जैसे न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में धोनी आउट हुए थे. अगर धोनी की तरह हरमनप्रीत भी रिलैक्स ना होतीं तो इस रनआउट से बचा जा सकता था और जिस तरीके से शानदार बल्लेबाजी कौर कर रही थी तो यहां तक कहानी ही ना पहुंचती. इन तस्वीरों को देखिए रनआउट होने के बाद कप्तान हरमनप्रीत ने गुस्से में बल्ला फेंक दिया. लेकिन ये बल्ला पिच पर फेंका होता तो बेहतर होता. कप्तान कौर ने रनआउट होने से पहले 34 गेंदों में 52 रनों की पारी खेली. जिसमें 6 चौके और एक छक्का शामिल था. कप्तान से पहले ओपनर मंधाना और शेफाली वर्मा बहुत सस्ते में आउट हुई. जिसने टीम पर दबाव बढ़ाया उसके बाद यास्तिका भाटिया बिना बॉल देखे भाग प़डीं और रन आउट हो गईं. यहां भारत का स्कोर 28 रन पर तीन विकेट हो गया. लेकिन उसके बाद जेमिमा और कप्तान कौर ने शानदार साझेदारी की.