#UPTET #शिक्षकभर्ती #शिक्षामित्र शिक्षक भर्ती, UP TET 2021 Result, शिक्षा मित्र, अनुदेशक । बेसिक शिक्षा मंत्री की चुनौतियां उत्तर प्रदेश में सरकार का गठन हो चुका है, मंत्रियों को उनके उनके विभाग सौंप दिए गए हैं... अब बारी नए मंत्रियों के परफॉर्मेंस की है । उत्तर प्रदेश की सरकार में इस बार कई नए चेहरों को मौका मिला है, इस रिपोर्ट में हम बात करेंगे उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री और उनकी चुनौतियों की । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा किसी विभाग के मुद्दों की चर्चा हुई तो वो बेसिक शिक्षा विभाग था, शिक्षक भर्ती, UP TET जैसे मामले इसी विभाग के अंतर्गत आते हैं । नए बेसिक बेसिक शिक्षा मंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों को संतुष्ट करना है । लाखों की संख्या में नौजवान शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, उन सभी को एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर सहमत करना किसी चुनौती से कम नहीं है । UP TET 2021 का नतीजा घोषित करना पिछले साल नवंबर के महीने में जब UP TET का पेपर लीक हुआ तो विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया, बात इतनी आगे बढ़ गई कि योगी आदित्यनाथ को सामने आना पड़ा, योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों के खिलाफ सख्ती दिखाई जिसके बाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज को गिरफ्तार किया गया । इसके अलावा दर्जनों गिरफ्तारियां इस केस में की गईं । 23 जनवरी 2022 को UP TET 2021 की दोबारा परीक्षा हुई, 27 फरवरी 2022 को नतीजे घोषित करने का वादा था, लेकिन आज तक नतीजे घोषित नहीं पाए । नए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से नौजवानों को उम्मीद है कि जल्द से जल्द नतीजे जारी करवाएंगे । शिक्षक भर्ती में आरक्षण विसंगतियां 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले का आरोप लगाकर लखनऊ से प्रयागराज तक युवाओं ने प्रदर्शन किया था, शुरु में सरकार मानने को तैयार नहीं थी आरक्षण में कोई गड़बड़ी हुई है, लेकिन 24 दिसंबर 2021 को तत्कालीन बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने स्वीकार किया कि कुछ विसंगतियां हैं जिसे दूर कर लिया गया है 24 दिसंबर को ही सतीश द्विवेदी ने कहा 17000 आरक्षित पदों के लिए काउंसिलिंग की जाएगी, इसके लिए उन्होंने 6 जनवरी की डेडलाइन दी थी । सतीश द्विवेदी ने कहा था कि 6 जनवरी तक 17000 आरक्षित पदों पर नियुक्तियां कर दी जाएंगी । लेकिन आज तक तक इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है । संदीप सिंह के सामने यह भी बड़ी चुनौती है कि पिछले वादों को पूरा करें । अनुदेशकों और शिक्षा मित्रों की चुनौती अनुदेशकों और शिक्षा मित्रों का मुद्दा भी नए बेसिक शिक्षा मंत्री के लिए बड़ा चैलेंज है, एक तरफ मेरिट आधारित लोग हैं, दूसरी तरफ अनुभव । अखिलेश यादव का मुख्यमंत्री कार्यकाल जब खत्म हो रहा था तो उन्होंने जाते जाते शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के तौर पर नियुक्ति दे दी, योगी आदित्यनाथ ने 25 जुलाई 217 को शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया । हालांकि योगी ने शिक्षा मित्रों की सैलरी 10000 रुपये कर दी थी । अब शिक्षा मित्रों की मांग है कि उनका समायोजन करके सम्मानजनक मानदेय दिया जाय । अनुदेशक भी सम्मानजनक सैलरी और नियमतिकरण की मांग कर रहे हैं । बेसिक शिक्षा मंत्री के सामने ये बड़ी चुनौतियां हैं। नई शिक्षक भर्ती कब आएगी? उत्तर प्रदेश का नौजवान नई शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहा है । यूपी में शिक्षक भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं की माने तो लगभग 30 लाख लोग UP TET क्वालीफाई करके बैठे हैं, वो नई शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं । चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी ने अपने मैनिफेस्टो में दावा किया था कि यूपी में 2 लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं । योगी आदित्यनाथ ने अपने पहले कार्यकाल में जो भर्तियां पूरी कराईं वो पिछली सरकारों की लटकी हुई भर्तियां थी । नौजवानों के इन सभी मुद्दों को अगर संदीप सिंह साध लेते हैं तो 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को इसका फायदा मिल सकता है । कौन हैं बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह? योगी आदित्यनाथ ने इस बार संदीप सिंह को बेसिक शिक्षा मंत्री बनाया है, संदीप सिंह दूसरी बार विधायक बने हैं, अलीगढ़ के अतरौली से विधानसभा चुनाव जीते हैं । संदीप सिंह की एक पहचान यह भी है कि वो पूर्व सीएम कल्याण सिंह के पौत्र हैं, यानी कल्याण सिंह के बेटे के बेट । संदीप सिंह योगी आदित्यनाथ की सरकार में सबसे युवा मंत्री हैं । वो महज 31 साल के हैं, इनकी पढ़ाई लिखाई ब्रिटेन में हुई है । संदीप सिंह ने अपनी उच्चशिक्षा Leeds Beckett University यॉर्कशायर यूनाइटेड किंगडम से की है । https://linktr.ee/TV9UttarPradesh Subscribe to TV9 Uttar Pradesh Uttarakhand / tv9uttarpradeshuttarakhand Facebook | / tv9uttarpradesh Twitter | / tv9uttarpradesh #TV9UttarPradesh #TV9UttarPradeshUttaraKhand @Associated Broadcasting Company Pvt Ltd