#PranshukKanthed #dewas #jain #jainism #dharmbhashi 28 साल के प्रांशुक कांठेड़ अमेरिका की कंपनी में सवा करोड़ के पैकेज पर डेटा साइंटिस्ट थे। जहाँ अचानक सांसारिक जीवन से मोह भंग हो गया। डेढ़ साल पहले नौकरी छोड़ वह एमपी के देवास आ गए। उन्होंने आज यानी सोमवार को जैन संत बनने के लिए दीक्षा ली है। आइये जानते हैं प्रांशुक कांठेड़ के जैन संत बनने की कहानी।