जानिए कैसे पड़ा दशानन का नाम रावण, कैसे हुई शिव तांडव स्त्रोत की रचना | Shiv Taandav | ऐसे हुई शिव तांडव स्तोत्र की रचना दशानन ने कुबेर की नगरी व उसके पुष्पक विमान दोनों पर भी अपना अधिकार कर लिया। पुष्पक विमान की ये विशेषता थी कि वह चालक की इच्छानुसार चलता था तथा उसकी गति मन की गति से भी तेज थी, एक दिन दशानन पुष्पक विमान में सवार होकर शारवन की तरफ चल पड़ा, परंतु एक पर्वत के पास से गुजरते हुए उसके पुष्पक विमान की गति स्वयं ही धीमी हो गई। पुष्पक विमान की गति मंद हो जाने पर दशानन को बहुत आश्चर्य हुआ। तभी अचानक उसकी दृष्टि सामने खड़े विशाल शरीर वाले नंदीश्वर पर पड़ी। नंदीश्वर ने दशानन को चेताते हुए कहा कि यहाँ भगवान शंकर क्रीड़ा में मग्न हैं इसलिए तुम वापस लौट जाओ, लेकिन कुबेर पर विजय पाकर दशानन अत्यंत दंभी हो गया था। उसने नंदी की बात नहीं सुनी और अहंकार में कहने लगा कि कौन है ये शंकर और किस अधिकार से वह यहाँ क्रीड़ा करता है? मैं उस पर्वत का नामो-निशान ही मिटा दूँगा, जिसके कारण मेरे विमान की गति अवरूद्ध हुई है। इतना कहते हुए उसने पर्वत की नींव पर हाथ लगाकर उसे उठाना चाहा। जैसे ही दशानन नें पर्वत कि नींव को उठाने की कोशिश की भगवान शिव ने वहीं बैठे-बैठे अपने पाँव के अंगूठे से उस पर्वत को दबा दिया ताकि वह स्थिर हो जाए। भगवान शंकर के ऐसा करने से दशानन की बाँहें उस पर्वत के नीचे दब गई। जिससे दशानन को बहुत पीड़ा होने लगी। क्रोध और पीड़ा के कारण दशानन ने भीषण चीत्कार कर उठा। उसकी चित्कार इतनी तेज थी कि ऐसा लगने लगा जैसे मानो प्रलय आ जाएगी। तब दशानन के मंत्रियों ने उसे शिव स्तुति करने की सलाह दी। तब दशानन ने बिना देरी किए हुए सामवेद में उल्लेखित शिव के सभी स्तोत्रों का गान करना शुरू कर दिया, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने दशानन को क्षमा कर दिया और उसकी बाँहों को मुक्त किया। दशानन द्वारा भगवान शिव की स्तुति के लिए किए जो स्त्रोत गाया गया था। सामवेद का वह सत्रोत रावण स्तोत्र या शिव तांडव स्तोत्र के नाम से जाना जाता है। ऐसे हुआ दशानन का नाम रावण दशानन ने यह स्तोत्र भयंकर दर्द के कारण भीषण चीत्कार से गाया था और इसी भीषण चीत्कार को संस्कृत भाषा में राव: सुशरूण: कहा जाता है। जब भगवान शिव रावण की स्तुति से प्रसन्न हुए और उसके हाथों को पर्वत के नीचे से मुक्त किया, तो उन्होंने दशानन का नाम रावण यानी ‘भीषण चीत्कार करने पर विवश शत्रु’ रखा। क्योंकि भगवान शिव ने रावण को भीषण चीत्कार करने पर विवश कर दिया था। तभी से दशानन को रावण कहा जाने लगा। Education story rashmika Motivational story of Hindi Success Story Success Hindi Story Emotional Story Emotional Hindi Story Motivation Quotes Motivational Hindi quotes Best student story Life success story Our story is part of your life Youngest best channel Kid,young, old all type story This story is change your 🥳🥳 ❤️❤️heart feeling story 💐💐my targets is your life best goal arched your quris shiv Lord Shiva Shiv Tandav Shiv krupa Shiv mahima Shiv Or ravan ki kahani shiv tandav srot shiv kahani shiv Or ravan #shiva #shivshankar #shivandravan #shivtandav #shivtaandavstrot #shivkrupa #shivlords #shiv #shivhistory #shivkahani #ravan #ravanorshiv #motivation #youtube #viral Instagram links https://www.instagram.com/rashmika_pa...