एक बार फिर प्रकृति का रौद्र रूप,#उत्तराखंड #chamoli

एक बार फिर प्रकृति का रौद्र रूप,#उत्तराखंड #chamoli

उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर फटने से भारी तबाही का मंजर दिख रहा है। इसके चलते अलकनंदा और धौली गंगा उफान पर है। पानी के तेज बहाव के मद्देनजर कीर्ति नगर, देवप्रयाग, मुनि की रेती इलाकों को अलर्ट पर रहने को कहा गया। पानी के बहाव में कई घरों के बहने की आशंका है। आस-पास के इलाके खाली कराए जा रहे हैं। लोगों से सुरक्षित इलाकों में पहुंचने की अपील की जा रही है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत घटनास्थल पर रवाना हो गए हैं। चमोली डीएम ने धौलीगंगा नदी के किनारे स्थित गांवों को खाली कराने का आदेश दिया। डीएम और एसपी घटनास्थल पर पहुंचने वाले हैं। एसडीआरएफ और फायर की टीम जोशीमठ इलाके के रेणी गांव में पहुंचकर बचाव कार्य में जुट गई है। सुबह 10:40 बजे: चमोली जिले के ऋषिगंगा नदी में हिमखंड टूटने से नदी ने लिया रौद्र रूप सुबह 10:55 बजे: रेणी में ऋषिगंगा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का एक बड़ा हिस्सा तोड़कर आगे बढ़ा पानी का सैलाब सुबह 11:10 बजे: ऋषिगंगा-1 और देवडी बांध को क्षतिग्रस्त कर बहाव आगे बढ़ा। सुबह 11:25 बजे: धौलीगंगा और ऋषिगंगा के संगम के बाद तपोवन पहुंचा अलकनंदा नदी का पानी, तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना को भारी नुकसान कर सैलाब आगे बढ़ा। सुबह 11:45 बजे: जोशीमठ को पार कर विष्णुगाड-पिपलकोटी परियोजना तक पहुंचा बाढ़ का पानी। दोपहर 12.12 बजे: चमोली को पार कर नंदप्रयाग पहुंचा पानी। दोपहर 1:00 बजे: चमोली जिले में कर्णप्रयाग पार करने के बाद पानी के बहाव में आई कुछ कमी। दोपर 1:20 बजे: रुद्रप्रयाग जनपद को पार कर श्रीनगर के करीब पहुंचा बाढ़ का पानी।