शिवपुराण-रुद्र संहिता प्रथम खंड-अध्याय 1-3|Shiv puran Rudra Sanhita pratham khand Adhyay 1-3 | Ep.9

शिवपुराण-रुद्र संहिता प्रथम खंड-अध्याय 1-3|Shiv puran Rudra Sanhita pratham khand Adhyay 1-3 | Ep.9

शिवपुराण-रुद्र संहिता प्रथम खंड-अध्याय 1-3|Shiv puran Rudra Sanhita pratham khand Adhyay 1-3 | Ep. 9 your queries: शिव पुराण में कितनी संहिता होती है? शिव पुराण का महामंत्र कौन सा है? शिव पुराण कब पढ़ना चाहिए? भगवान शिव से पहले क्या था? क्या शिव और शंकर एक ही हैं? शंकर भगवान पृथ्वी पर कैसे आए? भगवान शिव का जन्म कौन से युग में हुआ था? भगवान शिव के पिता कौन है? शिव की कितनी पत्नियां थीं? क्या हनुमान शिव अवतार हैं? शिव को भूतनाथ क्यों कहा जाता है? #shivpuran #rudrasanhita #shivmahapurana #kathamanjusha #rudrasamhita #shiv #pauranik Katha #dharmik Katha #motivational kahaniyan #bhakti kahaniyan #emotional kahaniyan #prernadayak kahaniyan #aadhyatmik kahaniyan #aitihasik kahaniyan #shikshaprad kahaniyan #dharmik ‘शिवपुराण’ एक प्रमुख तथा सुप्रसिद्ध पुराण है, जिसमें परब्रह्म परमेश्वर के ‘शिव’ रूप अर्थात शिव के कल्याणकारी स्वरूप का तात्त्विक विवेचन, रहस्य, महिमा एवं उपासना का सुविस्तृत वर्णन है। भगवान शिव मात्र पौराणिक देवता ही नहीं, अपितु वे पंचदेवों में प्रधान, अनादि सिद्ध परमेश्वर हैं एवं निगमागम आदि सभी शास्त्रों में महिमामण्डित महादेव हैं। वेदों ने इस परमतत्त्व को अव्यक्त, अजन्मा, सबका कारण, विश्वपंच का स्रष्टा, पालक एवं संहारक कहकर उनका गुणगान किया है। श्रुतियों ने सदा शिव को स्वयम्भू, शान्त, प्रपंचातीत, परात्पर, परमतत्त्व, ईश्वरों के भी परम महेश्वर कहकर स्तुति की है। ‘शिव’ का अर्थ ही है- ‘कल्याणस्वरूप’ और ‘कल्याणप्रदाता’। परमब्रह्म के इस कल्याण रूप की उपासना उटच्च कोटि के सिद्धों, आत्मकल्याणकामी साधकों एवं सर्वसाधारण आस्तिक जनों-सभी के लिये परम मंगलमय, परम कल्याणकारी, सर्वसिद्धिदायक और सर्वश्रेयस्कर है। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि देव, दनुज, ऋषि, महर्षि, योगीन्द्र, मुनीन्द्र, सिद्ध, गन्धर्व ही नहीं, अपितु ब्रह्मा-विष्णु तक इन महादेव की उपासना करते हैं। इस पुराण के अनुसार यह पुराण परम उत्तम शास्त्र है। इसे इस भूतल पर भगवान शिव का वाङ्मय स्वरूप समझना चाहिये और सब प्रकार से इसका सेवन करना चाहिये। इसका पठन और श्रवण सर्वसाधनरूप है। इससे शिव भक्ति पाकर श्रेष्ठतम स्थिति में पहुँचा हुआ मनुष्य शीघ्र ही शिवपद को प्राप्त कर लेता है। इसलिये सम्पूर्ण यत्न करके मनुष्यों ने इस पुराण को पढ़ने की इच्छा की है- अथवा इसके अध्ययन को अभीष्ट साधन माना है। इसी तरह इसका प्रेमपूर्वक श्रवण भी सम्पूर्ण मनोवंछित फलों के देनेवाला है। भगवान शिव के इस पुराण को सुनने से मनुष्य सब पापों से मुक्त हो जाता है तथा इस जीवन में बड़े-बड़े उत्कृष्ट भोगों का उपभोग करके अन्त में शिवलोक को प्राप्त कर लेता है। यह शिवपुराण नामक ग्रन्थ चौबीस हजार श्लोकों से युक्त है। सात संहिताओं से युक्त यह दिव्य शिवपुराण परब्रह्म परमात्मा के समान विराजमान है और सबसे उत्कृष्ट गति प्रदान करने वाला है। शिव पुराण की 7 संहिताओं में से रुद्र संहिता के पांच खंड हैं तथा वायवीय संहिता के दो खंड हैं जो इस प्रकार से हैं 1. शिव पुराण माहात्म्य 2. श्री विद्येश्वर संहिता 3. श्री रुद्र संहिता, प्रथम सृष्टि खंड श्री रुद्र संहिता, द्वितीय सती खंड श्री रुद्र संहिता, तृतीय पार्वती खंड श्री रूद्र संहिता, चतुर्थ कुमार खंड श्री रूद्र संहिता, पंचम युद्ध खंड 4. श्री शतरुद्र संहिता 5. श्री कोटिरुद्र संहिता 6. श्री उमा संहिता 7. श्री कैलाश संहिता 8. श्री वायवीय संहिता (पूर्व खंड) श्री वायवीय संहिता (उत्तर खंड) हम प्रत्येक संहिता और खंड को अलग अलग एपिसोड्स में पठन और श्रवण करेंगे. ---------------------------------------------------------------------------------------------------------- In this Episide of the Shiv puran series, there will be a separate episode for each Samhita and Khand, namely; Shiv Puran Mahatmya, Vidyeswar Samhita, Rudra Samhita - Srishti khand, Rudra Samhita - Sati Khand, Rudra Samhita - Parvati Khand, Rudra Samhita - Kumar khand, Rudra Samhita - Yuddha Khand, Shatrudra samhita, Kotirudra samhita, Uma Samhita, Kailash Samhita, Shri Vayaveeye Samhita - purva khand, Shri Vayaveeye samhita - uttar khand shiv puran audio in hindi,shiv puran original,maha shiv puran,शिव पुराण का पाठ कैसे करें,Shiv Maha Puran In Hindi,shivpuran full,shiv puran,shiv puran katha,shiv mahapuran,shiv mahapuran katha,shiv katha,shiv puran katha full in hindi,शिव पुराण,shivpuran,shiva purana,shiv katha in hindi,audiobook,shiv puran ki katha,शिव पुराण कथा,shiv puran bhag 1,shiv puran part 1,sampurn shiv puran,mahashivpuran,shivpuran mahashivpuran live,shiva purana in hindi,shiv, kailash sanhita, sati khand, parvati khand, rudra sanhita , vidyeshwar sanhita, shivpuran mahatmya, shiv ratri, maha shiv ratri, shiv puran mahatmya, Brahma, Vishnu, Mahesh