संत को बचाने में दे दी जान#झरोखा #JHAROKHA 87

संत को बचाने में दे दी जान#झरोखा #JHAROKHA 87

अपनी जान पर खेलकर करी संत की सुरक्षा, धन्य हैं ऐसे युवा जिनबिम्ब का गरिमामय सम्मान या अपमान पिता पुत्र की आचार्य जोड़ी इतिहास में पहली बार 13 मंदिरो का एक साथ पंचकल्याणक, आचार्य श्री के सानिघ्य में 10 से 84 साल तक के एक साथ, 100 की दीक्षा 528 सालों में पहली बार सबसे बड़े आचार्य के लिये सबसे छोटे का पड़गाहन आंगनबाड़ी में अण्डा नही मगज के लड्डू दोः आचार्य श्री भक्तामर से इलाज पर सम्मान शिखर जी यात्रियों के लिए खुश खबरी, क्षिप्रा से अब रोजाना सफर