सहोता मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने एक किलो से कम वजन के 198 शिशुओं का उपचार कर किया नाम रोशन -राजेश शर्मा, काशीपुर काशीपुर । सहोता मल्टीस्पेशलिटी हाॅस्पिटल में 6 माह की गर्भवती महिला का सामान्य प्रसव हुआ। प्रसव के बाद महिला और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। परिजनों द्वारा हाॅस्पिटल के डाॅक्टर्स एवं स्टाफ का आभार व्यक्त किया है। सहोता हॉस्पिटल द्वारा अब तक ऐसे कम वजन वाले करीब 198 शिशुओं का उपचार कर चुके हैं । बता दें कि मुरादाबाद रोड स्थित सहोता मल्टीस्पेशलिटी एवं न्यूरो ट्रामा सेंटर के प्रबंध निदेशक तथा नवजात एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. रवि सहोता ने बताया कि रामनगर क्षेत्र के ग्राम ढेला निवासी कुलदीप की 25 वर्षीय पत्नी सुनीता 6 माह की गर्भवती को अचानक प्रसव पीडा शुरू हो गयी थी । जिसको परिजनों द्वारा कुछ दिनों पूर्व हाॅस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। इस दौरान स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डा. नवप्रीत कौर सहोता एवं उनकी टीम ने दवाईयों और अन्य उपचार के माध्यम से महिला का प्रीमेच्योर प्रसव रोकने की काफी कोशिश की गई, लेकिन अंत में डा. नवप्रीत कौर ने प्रसव द्वारा अत्यधिक प्रीमेच्योर करीब 6 माह के बच्चे का जन्म कराया। जिसका जन्म के समय वजन मात्र 800 ग्राम था। जन्म के समय बच्चे के फेफड़ों का विकास नहीं हो पाने के कारण बच्चा सांस भी नहीं ले पा रहा था। बच्चे की किडनी और लिवर भी सही ढंग से काम नही कर रहे थे। इस हालात में बच्चे का जीवन खतरे में था। ऐसी स्थिति में उनके और डा. नवप्रीत कौर द्वारा नवजात को एनआईसीयू में भर्ती करके उपचार करने का निर्णय लिया। तीन सप्ताह के उपचार के बाद नवजात अब स्वस्थ है। नवजात को शनिवार को उसकी मां के सुपुर्द कर घर भेज दिया गया है। वहीं डा. रवि सहोता ने बताया कि इतने कम वजन, कम उम्र के बच्चे में सबसे बड़ी चुनौती उसे विभिन्न प्रकार के इंफेक्शन से बचाना होता है। साथ ही उसका वजन बढ़ाना भी जरूरी होता है। अतः उसे एक विशेष प्रकार की मशीन में रखा गया और उसको लगातार आईवी फ्लूड के माध्यम से पोषण प्रदान किया गया। बच्चे की हार्टबीट और सांस लेने का लेवल बहुत ही अप्रत्याशित रूप से कम ज्यादा हो रहा था, लेकिन डाॅक्टर रवि सहोता और हाॅस्पिटल के संपूर्ण स्टाफ की सजगता एवं समर्पण के कारण सभी पर नियंत्रण पाया जा सका। 21 दिन के बाद बच्चे का वजन 1 किलो 600 ग्राम हो गया एवं नवजात अब पूरी तरह से स्वस्थ है अस्पताल से छुट्टी कर दी गई है। डॉ. रवि सहोता द्वारा बताया गया कि अभी तक उनके द्वारा इस प्रकार के 198 प्रसव किये गए हैं। डॉक्टर सहोता ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को खानपान आदि से संबंधित जानकारी देते हुए बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को फास्ट फूड से परहेज करना चाहिए तथा विटामिनों से भरपूर हरी सब्जियां तथा दालों का सेवन अच्छे से करना चाहिए, क्योंकि दालों में प्रोटीन की मात्रा सर्वाधिक होती है ।