1.कर बन्द जबान बस रै,2.तेरे पूर्णमल बदकार नै, गायक:- राजकिशन अगवानपुरिया व साथी

1.कर बन्द जबान बस रै,2.तेरे पूर्णमल बदकार नै, गायक:- राजकिशन अगवानपुरिया व साथी

🙏 सभी भाइयों ने हाथ जोड़ कर नमस्कार 🙏 यह राज किशन जी का स्टेज प्रोग्राम है कर बंद जबान बस रै , बिल्कुल अनसुनी रागनी है शायद आप भाइयों ने यह रागनी कहीं भी नहीं सुनी होगी बहुत ही बढ़िया प्रोग्राम से ली हुई दोनों रागनीयां है अगर भाइयों को यह दोनों रागनी पसंद आए तो चैनल को सब्सक्राइब, लाईक और शेयर करना ना भूले धन्यवाद। किस्सा :----पूर्ण मल कवि:----- पंडित दादा लख्मीचंद जी गायक:-- राजकिशन अगवानपुरिया व साथी प्रस्तुतकर्ता:---------बैनीवाल