"मातृभूमि का मान"-हरिकृष्ण प्रेमी-(कथावस्तु/सारांश)-परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण।

"मातृभूमि का मान"-हरिकृष्ण प्रेमी-(कथावस्तु/सारांश)-परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण।

हिन्दी के प्रमुख पाठ के प्रश्नों तथा व्याख्यामूलक पंक्तियों की जानकारी पाने के लिए आप सभी का study with Anju Madam में स्वागत है। आज के विडिओ में मैंने नाटककार हरिकृष्ण प्रेमी एक एकांकी "मातृभूमि का मान "का सारांश/कथावस्तु को प्रस्तुत किया है। यह सभी परीक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण है।इन के अध्ययन से आपको पूरी विषय-वस्तु समझ में आ जायेगी।साथ ही साथ पूरे पाठ का सम्पूर्ण अध्ययन आवश्यक है।अधिक जानकारी से ही परीक्षा में अधिक अंक हासिल होते है।विडिओ को like,share अवश्य करे।साथ ही channel को SUBSCRIBE अवश्य करें। हिन्दी के अन्य पाठ से संबंधित विडिओ का link नीचे दिया गया है-"साहित्य-सागर"- 1-"साखी"-कबीरदास-पाँच दोहों की सप्रसंग व्याख्या    • "साहित्य सागर"(ICSE)-पद्य भाग-"साखी"-कबीरद...   2-"विनय के पद"-कवि तुलसीदास-"ऐसा को उदार जग माही।"-सप्रसंग व्याख्या    • "विनय के पद"-तुलसीदास-"ऐसा को उदार जग माही...   3-"विनय के पद"-कवि तुलसीदास-"जाके प्रिय न राम वैदेही।"-सप्रसंग व्याख्या    • "विनय के पद"-कवि तुलसीदास-"जाके प्रिय न रा...   4-"सूर के पद"-कवि सूरदास-"यशोदा हरि पालने झुलावै।"-सप्रसंग व्याख्या    • "साहित्य सागर"-"सूर के पद"-"यशोदा हरि पालन...   5-"सूर के पद"-कवि सूरदास-"खीजत जात माखन खात।"सप्रसंग व्याख्या    • सूर के पद"-कवि सूरदास-"खीजत जात माखन खात। ...   6-"सूर के पद"-कवि सूरदास-"मैया मेरी,चन्द्र खिलौना लैहौं।"- सप्रसंग व्याख्या 7-"स्वर्ग बना सकते है।"-रामधारी सिंह "दिनकर"(भाग-1)-"धर्मराज यह भूमि किसी की.....कहाँ इस भव को?"-सप्रसंग व्याख्या    • "स्वर्ग बना सकते हैं।"-कवि रामधारी सिंह "द...   8-"बात अठन्नी की"-सुदर्शन(भाग-1)-कहानीकार का जीवन-परिचय    • "बात अठन्नी की"-सुदर्शन-संक्षिप्त जीवन-परि...   9-"बात अठन्नी की"-सुदर्शन-(भाग-2)कहानी का सारांश    • "बात अठन्नी की"-सुदर्शन(भाग-2)-कहानी का सा...