पराक्रम भाव II कुंडली में तृतीय भाव II सरल ज्योतिष मंथन

पराक्रम भाव II कुंडली में तृतीय भाव II सरल ज्योतिष मंथन

#कुंडली में तृतीय भाव -- वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली का तृतीय भाव आपके साहस-पराक्रम, संवाद शैली, छोटे भाई बहनों के साथ आपके संबंधों के बारे में बताता है। आपका किसी भी काम को करने का तरीका भी इस भाव को देखकर पता चल जाता है। इस भाव से साहस-पराक्रम का पता चलता है इसलिए इस भाव को #पराक्रम भाव भी कहा जाता है। कुंडली के तृतीय भाव पर #बुध ग्रह का प्रभाव माना जाता है क्योंकि यह भाव मिथुन राशि का होता है जिसका स्वामी ग्रह बुध है। #ज्योतिष सीखिए Our Previous Videos II पिछले वीडियो जन्म लग्न पर प्रारंभिक चर्चा--- सरल ज्योतिष मंथन Part-1 Lagna in Birth chart    • जन्म लग्न पर प्रारंभिक चर्चा--- सरल ज्योति...   कुंडली में लग्न और लग्नेश का महत्त्व - सरल ज्योतिष मंथन भाग-2    • कुंडली में लग्न और लग्नेश का महत्त्व - सरल...   धन भाव II कुंडली में द्वितीय भाव    • धन भाव II कुंडली में द्वितीय भाव   Astro Eye 4 U Contact: Sandeep Aganya (संदीप अगन्य) Whatsapp No. 094615 15761 for consultation. ज्योतिष परामर्श के लिए संपर्क करे -- 094615 15761