lalkrishna advani ko mila bharat ratna . bharat ratna kya hai aur kyu mila advani ko aaoo jante hai लालकृष्ण आडवाणी आइए आज हम आपको लालकृष्ण अडवानी जी के जीवन और उनके संघर्ष के दिनों को जानने की कोशिश करते है । आडवाणी जी का जन्म 8 नवंबर 1927 को सिन्ध प्रान्त (पाकिस्तान) में हुआ था। वह कराची के सेंट पैट्रिक्स स्कूल में पढ़ें हैं और उनके देशभक्ति के जज्बे ने उन्हें राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वह जब महज 14 साल के थे, उस समय से उन्होंने अपना जीवन देश के नाम कर दिया 1942 राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ में शामिल हुए 1944 कराची के मॉडल हाई स्कूल में बतौर शिक्षक नौकरी किए • 1957-अटल बिहारी वाजपेयी की सहायता के लिए दिल्ली शिफ्ट हुए। अडवाणी जी ने असल मायने मे भारतीय जनता पार्टी को बनाया है • 1980 से 1990 के बीच आडवाणी जी ने भाजपा को एक राष्ट्रीय स्तर की पार्टी बनाने के लिए अपना पूरा समय दिया और इसका परिणाम तब सामने आयामई 1986 भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बने तब 1984 में महज 2 सीटें हासिल करने वाली पार्टी को लोकसभा चुनावों में 86 सीटें मिली जो उस समय के लिहाज से काफी बेहतर प्रदर्शन था। सन 1990 में जब देश विकट परिस्थितियों से जूझ रहा था, जातिवादी तत्व एक तरफ हमारी एकता और अखंडता को तार-तार करने पर तुले हुए थे, दूसरी तरफ छद्म धर्मनिरपेक्षता के पैरोकार धर्म के आधार पर देश को बांटना चाहते थे, उस दौर में श्री लाल कृष्ण आडवाणी आगे आये और इन राष्ट्र विरोधी ताकतों को करारा जवाब दिया। उनके आन्दोलन ने राष्ट्रवाद की दबी कुचली भावनाओं को नयी जगह ही नहीं दी, बल्कि हमारे देश के उच्च नैतिक आदर्शों को भी पुनः प्रतिष्ठित किया। • 1990 सोमनाथ से अयोध्या, राम मंदिर रथ यात्रा का शुभारंभ , इससे पार्टी की स्थिति 1992 में 121 सीटों और 1996 में 161 पर पहुंच गई। आजादी के बाद पहली बार कांग्रेस सत्ता से बाहर थी और बीजेपी सबसे अधिक संख्या वाली पार्टी बनकर उभरी थी। • अक्टूबर 1999 से मई 2004 - केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, गृह मंत्रालय मिला • जून 2002 मई 2004 उप-प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार 2009 के चुनावों में आडवाणी जी नेता प्रतिपक्ष थे, इसलिए यह माना जा रहा था कि वह आगामी चुनावों जो 16 मई, 2009 को खत्म होने वाले थे, में भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। आडवाणी जी के पक्ष में सबसे बड़ी बात यह थी कि आडवाणी जी बीजेपी के सबसे ताकतवर नेता रहे हैं और उनके अलावा सिर्फ अटल जी इतने शीर्ष पर मौजूद थे, लेकिन अटल जी खुद भी आडवाणी जी के पक्ष में थे। 10 दिसंबर, 2007 को भाजपा के संसदीय बोर्ड ने यह औपचारिक ऐलान किया कि 2009 के आम चुनावों के लिए लालकृष्ण आडवाणी ही प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे, लेकिन जब कांग्रेस और उसके गठबंधन के लोग चुनाव जीत गए और मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री पद पर दोबारा काबिज हो गए तो आडवाणी जी ने 15वीं लोकसभा में सुषमा स्वराज को नेता प्रतिपक्ष बनाया। बीजेपी और देश के लिए अनेकों अच्छे कार्य के लिए लालकृष्ण अडवानी जी को भारत सरकार ने भारत रत्न से सम्मानित करने का निर्णय लिया है अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी हो और अधिक जानकारी के लिए gyan ganga channel पर जुड़े रहे और वीडियो को शेयर करें धन्यवाद @Gyangangaa777 #status #reels #tranding #lalkrishnaadvani #story #biography #bharatratnaaward