काया निर्मल होइ जाय हो, गुरु संतों के संग मा/Kaya nirmal hoya jay ho/Bhaktimati Sarda devi/

काया निर्मल होइ जाय हो, गुरु संतों के संग मा/Kaya nirmal hoya jay ho/Bhaktimati Sarda devi/

#Kaya_nirmal_hoya_jay_ho#guru_santo_ke_sanga_ma/#By_Bh_Sarda_devi मनुष्य जीवन की सच्ची उपलब्धि है मन की शांति। मन की शांति चीजों से, रुपए पैसों से, घर-धन और महलों से, पद-प्रतिष्ठा से, पत्नी-पुत्र से मान-सम्मान से, गद्दी-महानती से व्यापार और बाजार से नहीं मिलती है। मन की शांति अच्छे कर्मों से, अच्छे लोगों की संगत से, अच्छी भावनाओं से मिलती है। इसलिए हर इंसान को अच्छी संगति, अच्छी भावना और अच्छे कर्मों के लिए प्रयास करना चाहिए। यह कार्य जब तक साधना संपन्न संतों की संगत में नहीं लगेंगे तब तक संभव नहीं है। अतः इस भजन को हम मनन पुर्वक सुनें और याद भी करें। हमारे चैनल से भजन, प्रवचन के अन्य वीडियोज देखने के लिए #नीचे_लिंक_पर_क्लिक_करें_और #उसका_आनंद_लें― "सतगुरु की कोई खबर लाता नहीं"―भजन का लिंक―    • Video   शारदा रानी के अन्य भजन―    • भजन– दुनिया से दिल लगाकर, दुनिया से क्या म...   "मोहे लागी लगन गुरु चरणन की" भजन का लिंक―    • भजन–मोहे लागी लगन गुरु चरनन की/ Meera bai/...   "गुरु भक्ति की महिमा अपार" विनय साहिब के भजन का लिंक―    • भजन–गुरुभक्ती कि महिमा अपार, निगुरा क्या ज...   "सत्संग है मानसरोवर" भजन का लिंक―    • भजन–सत्संग है मानसरोवर, सुखों की खान बंदे/...   प्रातः कालीन सत्संग, भाग5, प्रवचन का लिंक---    • भाग-5/ प्रातः कालीन सत्संग/Bijak- ज्ञानचौत...