#shripremanandjimaharaj #premanandmaharaj #premanandbaba #premanandjimaharaj #ekantikvartalaap #premanandmaharaj #premanand #premanandjipravachan #premanand_ji_maharaj #premanandbaba #shrihitradhakripa #shripremanandjimaharaj #ekantikvartalaap #premanand केवल 3 घंटे की नींद से स्वस्थ और तरोताज़ा महसूस करना ज्यादातर लोगों के लिए संभव नहीं है और यह विज्ञान-सम्मत भी नहीं है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकांश वयस्कों को स्वस्थ रहने के लिए हर रात 7 से 9 घंटे की नींद की आवश्यकता होती है। यदि आप लंबे समय तक कम नींद लेते हैं, तो इसके गंभीर स्वास्थ्य परिणाम हो सकते हैं। केवल 3 घंटे की नींद से स्वस्थ रहना लगभग असंभव है। अधिकांश वयस्कों को हर रात 7 से 9 घंटे की नींद की आवश्यकता होती है ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें। लंबे समय तक कम नींद लेने से स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। कम नींद के कुछ नुकसानों में शामिल हैं: रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना। उच्च रक्तचाप और हृदय रोग का खतरा बढ़ना। चिड़चिड़ापन, चिंता और डिप्रेशन जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं। याददाश्त कमजोर होना और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई। वजन बढ़ना। यदि आपको पर्याप्त नींद नहीं मिल रही है, तो 3 घंटे की नींद पर निर्भर रहने के बजाय अपनी नींद की आदतों को बेहतर बनाने पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं: नियमित नींद का समय: हर दिन एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें, यहां तक कि सप्ताहांत पर भी। नींद के लिए आरामदायक माहौल: सुनिश्चित करें कि आपका बेडरूम ठंडा, अंधेरा और शांत हो। स्क्रीन टाइम कम करें: सोने से कम से कम एक घंटा पहले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे फोन और लैपटॉप का उपयोग करना बंद कर दें। कैफीन और शराब से बचें: शाम को कैफीन और शराब का सेवन करने से बचें, क्योंकि ये आपकी नींद को बाधित कर सकते हैं। नियमित व्यायाम: दिन में नियमित रूप से व्यायाम करने से नींद की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है, लेकिन सोने के ठीक पहले भारी व्यायाम से बचें। यदि आपको नींद की समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण है। वे आपकी नींद की समस्याओं के कारणों का पता लगाने और उचित उपचार की सलाह देने में मदद कर सकते हैं। FAIR USE: This video is protected under section 107 of the Copyright Act 1976, which allows for fair use for purposes including criticism commentary, news reporting, teaching, scholarship, education, and research. Fair use is a provision in copyright law that permits the use of copyrighted material under certain circumstances that would otherwise be considered violation. This video is created Purely for educational purposes and does not have any negative impact. Knowledge To Gain In Divine Teaching of Pujya Shri Hit Premanand Govind Sharan Maharaj Ji.