बृहस्पतिवार व्रत कथा | Guruvar Vrat  Katha | Brihaspativar Vrat Katha | Brihaspatidev vrat katha

बृहस्पतिवार व्रत कथा | Guruvar Vrat Katha | Brihaspativar Vrat Katha | Brihaspatidev vrat katha

बृहस्पतिवार व्रत कथा | Guruvar Vrat Katha | Brihaspativar Vrat Katha | Brihaspatidev vrat kathaज़रूर 🙂 यह रही बृहस्पतिवार (गुरुवार) व्रत कथा — सरल, प्रचलित और पूजा-पाठ में पढ़ी जाने वाली कथा: 🌼 बृहस्पतिवार व्रत कथा (Guruvar / Brihaspativar Vrat Katha) प्राचीन समय की बात है। एक नगर में एक धनवान व्यक्ति रहता था, लेकिन उसकी पत्नी अत्यंत कंजूस और अधार्मिक थी। वह न तो किसी साधु-ब्राह्मण को दान देती थी और न ही भगवान की पूजा करती थी। घर में धन होने के बावजूद हमेशा क्लेश बना रहता था। एक दिन देवगुरु बृहस्पति ब्राह्मण के वेश में उसके घर भिक्षा माँगने आए। स्त्री ने उन्हें अपमानित करके भगा दिया। बृहस्पति देव ने कहा, “तुम्हारे घर में धन तो बहुत है, पर धर्म नहीं है। इसलिए यह धन भी शीघ्र नष्ट हो जाएगा।” कुछ समय बाद वास्तव में उसके घर में दरिद्रता आ गई। परेशान होकर वह स्त्री अपनी पड़ोसन के पास गई। पड़ोसन ने बताया कि वह बृहस्पतिवार का व्रत रखती है और बृहस्पति देव की पूजा करती है, इसी कारण उसके घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। स्त्री को अपनी भूल का एहसास हुआ। उसने पूरी श्रद्धा से गुरुवार का व्रत रखना शुरू किया— पीले वस्त्र धारण किए, पीली वस्तुओं का दान किया, बृहस्पति देव की कथा सुनी और ब्राह्मणों का आदर किया। कुछ समय बाद उसके घर में फिर से धन, सुख और शांति लौट आई। एक दिन बृहस्पति देव पुनः ब्राह्मण रूप में आए। इस बार स्त्री ने आदरपूर्वक उनका स्वागत किया। तब बृहस्पति देव ने अपने वास्तविक स्वरूप के दर्शन दिए और कहा— “जो व्यक्ति श्रद्धा, नियम और भक्ति से बृहस्पतिवार व्रत करता है, उसके जीवन से दरिद्रता दूर होती है और ज्ञान, धन व संतान सुख की प्राप्ति होती है।” इस प्रकार स्त्री का जीवन धन्य हो गया। 🌕 व्रत का फल धन-समृद्धि में वृद्धि विवाह व संतान संबंधी बाधाओं का नाश गुरु कृपा व ज्ञान की प्राप्ति घर में सुख-शांति अगर आप चाहें तो मैं: पूरी पूजा विधि व्रत नियम पीली वस्तुओं की सूची या PDF/छोटी कथा भी बना सकता हूँ 📿✨ बस बताइए 🙏