भगवान राम के अनन्य भक्त महाकवि तुलसीदास जी द्वारा रचित महाकाव्य 'श्रीरामचरितमानस' में सीता स्वयंवर का वर्णन है। इस स्वयंवर में अनेक वीर राजा सीता जी से विवाह की कामना लेकर आए थे। भगवान राम और लक्ष्मण जी भी अपने गुरु विश्वामित्र जी के साथ वहां अतिथि के रूप में उपस्थित थे। स्वयंवर के लिए यह बात निश्चित की गई थी कि जो प्रतिभागी भगवान शिव के धनुष को उठाकर उसकी प्रत्यंचा चढ़ा देगा, उससे सीता जी का विवाह होगा। किंतु जब उस स्वयंवर सभा में सीता जी से विवाह के इच्छुक राजा भगवान शिव के धनुष को उठाकर उसकी प्रत्यंचा नहीं चढ़ा पाए, प्रत्यंचा चढ़ाना तो दूर, उसे हिला भी नहीं पाए। तब राजा जनक अत्यंत निराश हो गए और उन्होंने निराशा से भरे स्वर में कहा कि लगता है धरती वीरों से रिक्त हो गई है। राजा जनक की यह बात लक्ष्मण जी को अच्छी नहीं लगी। वह खड़े होकर क्रोध और उत्तेजनापूर्ण स्वर में बोले कि इस सभा में हम सूर्यवंशियों के उपस्थित होते हुए आपने यह कैसे कह दिया कि धरती वीरों से खाली हो गई है। यदि भैया राम आज्ञा दें तो मैं इस धनुष को तो क्या, पूरे ब्रह्माण्ड को गेंद की भांति उठा सकता हूं। तब भगवान राम ने लक्ष्मण जी को शांत रहने का संकेत किया और अपने पास बिठा लिया। उसके पश्चात गुरू विश्वामित्र जी की आज्ञानुसार भगवान राम ने भगवान शिव के उस धनुष को उठाकर उसकी प्रत्यंचा चढ़ाई। किंतु इस प्रयास में वह धनुष दो टुकड़ों में टूट गया। उस धनुष के टूटने की भयंकर ध्वनि को सुनकर भगवान परशुराम जी उस स्वयंवर सभा में आ पहुंचे और अपने गुरु भगवान शिव के धनुष को टूटा हुआ देखकर अत्यंत क्रोधित हो गए। उन्होंने क्रोध भरे स्वर में राजा जनक से पूछा कि इस धनुष को तोड़ने वाला दोषी कौन है? तब परशुराम जी के उस प्रश्न के आगे की कथा का वर्णन ही इस पद्यांश में वर्णित है। इस Video में इस पद्यांश के कठिन शब्दार्थ, संदर्भ, प्रसंग, भावार्थ और उसकी काव्यगत विशेषताओं को स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है। आशा है यह आपके लिए अत्यंत उपयोगी रहेगा। उम्मीद है कि आप इसी प्रकार स्नेह बनाए रखेंगे और इस चैनल को Like, Subscribe और share करते रहेंगे। आपके सहयोग का आकांक्षी- अंशुमान गौड़ My YouTube channel link:- / @agkishiksha My Facebook account link:- / anshuman.gaur.73 तुलसीदास जी के जीवन परिचय को जानने के लिए निम्न लिंक पर जाएं:- • तुलसीदास का जीवन परिचय Tulsidas ka jeeva... पाठ 1 सूरदास के पदों की संपूर्ण व्याख्या को देखने के लिए निम्न लिंक पर जाएं:- बूझत स्याम कौन तू गोरी • RBSE कक्षा-10, हिन्दी, क्षितिज, पाठ-1 सू... मधुकर स्याम हमारे चोर • सूरदास, कक्षा -10, हिन्दी, क्षितिज, पाठ 1,... संदेसनि मधुबन कूप भरे • Class-10 Hindi surdas संदेसनि मधुबन कूप भ... ऊधो मन माने की बात • कक्षा-10 हिन्दी, सूरदास के पद - ऊधौ मन ... Intro miuse credit:- Jahzzar_-_05_-_Avientu.m4a Music: Avientu by Jahzzar From the Free Music Archive: https://freemusicarchive.org/music/Ja... #AGkishiksha #Anshumangaur #LakshmanParshuramsamvad