हर रविवार को सूर्यदेव की पूजा होती है और सभी भक्त सूर्यदेव को जल चढ़ाते है। सूरज की हर पहली किरण को उम्मीद की नई किरण के रूप में देखा जाता है। इन्हीं सूर्य देव का एक नाम रवि भी है। रविवार, इतवार या कहें संडे सूर्य देवता का दिन है। मान्यता है कि रविवार के दिन नियमित रूप से सूर्यदेव के नाम का उपवास कर उनकी आराधना की जाये उपासक की सारी द्ररिद्रता दूर हो जाती है। Latest New Upload : सूर्यनारायण की कथाsuryanarayan ki Katha Ravivar Vrat ki Kathai2020समस्त पापों का नाश करने वाला व्रत.. • सूर्यनारायण की कथाsuryanarayan ki Katha R... विवार व्रत व पूजा की विधि- पौराणिक ग्रंथों में रविवार के व्रत को समस्त पापों का नाश करने वाला माना गया है। अच्छे स्वास्थ्य व घर में समृद्धि की कामना के लिये भी रविवार का व्रत किया जाता है। इस व्रत के दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है। पूजा के बाद भगवान सूर्यदेव को याद करते हुए ही तेल रहित भोजन करना चाहिये। एक वर्ष तक नियमित रूप से उपवास रखने के पश्चात व्रत का उद्यापन करना चाहिये। मान्यता है कि इस उपवास को करने से उपासक जीवन पर्यंत तमाम सुखों को भोगता है व मृत्यु पश्चात सूर्यलोक में गमन कर मोक्ष को पाता है। सूर्योदय से पहले जागना चाहिए। स्नान एवं संध्या वंदन के बाद तांबे के कलश अथवा किसी भी धातु के पात्र में जल भरकर उसमें रोली, अक्षत और लाल रंग के फूलों को डालकर इस प्रकार से अर्घ्य देना चाहिए कि जल की धारा के बीच से उगते हुए सूर्य का दर्शन करना चाहिए। दिनभर व्रत रखकर सायंकाल अग्निहोत्र आदि कर बिना नमक का भोजन करना चाहिए। इस प्रकार इस महीने प्रत्येक रविवार को सूर्य की उपासना करने से दैविक, दैहिक और भौतिक तीनों कष्टों से छुटकारा मिल जाता है। उपासक की बुद्धि सूर्य के प्रकाश की तरह प्रखर हो जाती है। रविवार व्रत विधि-विधान | रविवार के व्रत को करने वाले व्यक्ति को प्रात: काल में उठकर नित्यकर्म क्रियाओं से निवृ्त होने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए. घर में किसी एकान्त स्थान में ईशान कोण में भगवान सूर्य देव की स्वर्ण निर्मित मूर्ति या चित्र स्थापित करना चाहिए. इसके बाद गंध, पुष्प, धूप, दीप आदि से भगवान सूर्य देव का पूजन करना चाहिए. पूजन से पहले व्रत का संकल्प लिया जाता है. दोपहर के समय फिर से भगवान सूर्य को अर्ध्य देकर पूजा करे, और कथा करें. और व्रत के दिन केवल गेहूं कि रोटी अथवा गुड से बना दलिया, घी, शक्कर के साथ भोजन करें. भगवान सूर्य को लाल फूल बेहद प्रिय है. इसलिये इस दिन भगवान सूर्य की पूजा काल रंग के फूलों से करना और भी शुभ होता है. Katha,Devotional,Bhagwan Ki Kahaniya,Pauranik Kathaye,Dharmik Channel,Dharmik Kahaniya,Vrat,Hamare Vrat Aur Tyohar,Pauranik Hindi Kathaye,Hindi God Story,Old Hindi Story,Devta Ki Kahaniya,Pauranik Katha,Bhagwaan Ki Kahaniya,Story,Kahaniya,Latest Kahaniya Bhagwan,Bhajan Kirtan Kathaye,Surya Bhagwan Ki Kahani,Surya Dev Ki Pauranik Kathaye,Surya,Surya Devta Ki Kahani,Suraj Dev Ki Story,Suraj Devta Ki Pauranik Story सूर्यनारायण की कथा #Suryanarayan ki Katha #Ravivar Ki Katha #पोष/पोयारविवारकीकथा #JaiRavirajki#JaiSuryanarayanki#BhagwanSuryanarayankiJai#SurajBhagwankiJai#suryanarayankikatha#suryanarayankikahani#suryanarayanvratkatha#ravivarvratkatha#suryanarayanjikikahani #suryanarayanupvas#भगवानसूर्यनारायण#कथाभगवानसूर्यनारायण#भगवानसूर्यनारायणकथा#surya narayan ki katha#suraj bhagwan ki katha#surya bhagwan ki kahani#surya bhagwan ki katha#surya narayan vrat katha#ravivar vrat katha#suryanarayan ki kahani#surya narayan katha#suraj bhagwan ki kahani#सूर्य नारायण की कथा#suryanarayan upvas#सूर्यनारायण उपवास#surya dev katha#suryanarayan#रथसप्तमी ची कहाणी#सूर्यनारायणाची कथा#surya dev ki katha#surya narayan#suraj narayan ki kahani#suryanarayana varta#सूर्य भगवान की कथा#bhagwan ki katha#ravivar ki katha#suraj ji ki katha#surya bhagwan ki vrat katha#surya katha#suryanarayana chi kahani#रविवार की कथा #सूर्य देव की कथा#सूर्य नारायण कथा#abhog katha#bhagwan ki kahani#dadaji ki vrat katha#narayan katha#paush ravivar vrat katha#ravivar ki kahani#sitla saptami katha#sunday vrat katha in hindi #suraj bhagwan ki#suraj bhagwan ki baat#suraj narayan ki katha#surya bhagwan katha #surya dev ki kahani#surya dev ni varta#surya ki katha#surya narayan katha marathi #surya saptami ki kahani#surya vrat katha#suryanarayan ni varta