आश्विन मास कथा अध्याय 7, Ashwin Maas Ki Katha Day7, Ashwin mahatmya 7, Shrimad Bhagwat Puran सनातन संस्कृति के कैलेंडर (या पंचांग या संवत) में आश्विन को साल का सातवा महीना माना जाता है| यह ग्रेगोरियन कैलेंडर के सितम्बर-अक्टूबर में पड़ता है|विक्रम संवत के अनुसार भाद्रपद महीने में पूर्णिमा के बाद वाली प्रतिपदा, आश्विन मास की पहली तिथि होती है| आश्विन मास को यह नाम 'अश्विनी' नक्षत्र की वजह से मिला है| 'अश्विनी' हिन्दू पंचांग की काल गणना में उपयोग में आने वाले 27 नक्षत्रों में से पहला नक्षत्र है|जैसे सावन को शिव जी का महीना, भाद्रपद को कृष्ण भगवान का महीना माना जाता है, उसी प्रकार आश्विन माह को देवी दुर्गा का माह कहा जाता है| भारत वर्ष में हर साल चार नवरात्र मनाई जाती है लेकिन आमतौर पर लोग साल में चैत्र और शारदीय नवरात्र को सबसे ज्यादा मानते हैं| शारदीय नवरात्र की शुरुआत आश्विन माह के शुक्ल पक्ष से होकर विजयदशमी में इसका समापन होता है| नवरात्र में भक्तगण 9 दिन का उपवास रखते हैं और देवी दुर्गा की विधि पूर्वक उपासना करते हैं| हिन्दू धर्म के लोगों के लिए आश्विन मास का खास महत्व है| इस माह में पितृ पक्ष पर पितरों की मुक्ति और उन्हें ऊर्जा देने के लिए श्राद्ध कर्म किये जाते हैं| पितृ पक्ष आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ते हैं| मान्यता है कि इस पक्ष में पितृ किसी भी रूप में घर पर आ सकते हैं| अतः इस एक पखवारे (पितृ पक्ष) में किसी भी जीव का अनादर नहीं करना चाहिए| बल्कि अपने द्वार पर आने हर किसी प्राणी को भोजन देकर सत्कार करना चाहिए|ज्योतिष शास्त्र अनुसार कुंडली में पितृ दोष काफी महत्व रखता है और इसलिए पितरों को मनाने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए श्राद्ध कार्य किये जाते हैं|पितृ पक्ष के दौरान कोई भी नया काम शुरू नहीं किया जाता| यह पक्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से शुरू होकर अमावस्या तक रहता है| Bhagwat puran katha, Bhagwat Puran, Bhagwat Katha, Bhagwat Puran adhyay, Bhagwat ki katha, Bhagwat Geeta, ashwin somvar ashwin somvar Puja Vidhi, ashwin somvar Puja, ashwin somvar vrat katha, ashwin mahina, ashwin mas ki kahani, ashwin mas mahatmya, ashwin mas, ashwin mahina ka mahatva, ashwin month, #ashwinmaaskatha #ashwinmaasmahatmya #ashwinmaasasadhyay2 #bhagwatpurankatha #shrimadbhagwatpuran #bhagwatpurankatha #भागवतपुराण #bhagwatkatha #bhagwatpuran #ashwin #ashwinmaas #ashwinmaaspujavidhi #ashwinsomvarpuja #ashwinsomvarvratkatha #ashwinmaskikahani #ashwinmaskikahani #sukhsagar