"माँ कालरात्रि की कथा और महत्व"। नवरात्रि की सातवीं देवी।

"माँ कालरात्रि की कथा और महत्व"। नवरात्रि की सातवीं देवी।

नवरात्रि के सातवें दिन माँ दुर्गा के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है। माँ कालरात्रि को अत्यंत उग्र और शक्तिशाली रूप माना जाता है। इन्हें "शुभंकरि" भी कहा जाता है क्योंकि ये भक्तों को शुभ फल प्रदान करती हैं। माँ कालरात्रि का स्वरूप काला है, इनके बाल खुले रहते हैं और गले में माला सुशोभित होती है। इनकी चार भुजाएँ हैं – एक में लोहे का वज्र, दूसरी में खड्ग, और दो हाथ वरमुद्रा व अभयमुद्रा में रहते हैं। माँ कालरात्रि की पूजा करने से शनि और राहु-केतु का प्रभाव शांत होता है। भक्त को भय, रोग और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है तथा आत्मविश्वास और साहस की वृद्धि होती है। इस वीडियो में हम जानेंगे माँ कालरात्रि की कथा, पूजा विधि, महत्व और इनके चमत्कारी मंत्र। 🙏 माँ कालरात्रि का आशीर्वाद सब पर बना रहे। माँ कालरात्रि पूजा माँ कालरात्रि कथा माँ कालरात्रि मंत्र माँ कालरात्रि का महत्व नवरात्रि सातवां दिन माँ दुर्गा का सातवां स्वरूप कालरात्रि आरती माँ कालरात्रि व्रत कथा शुभंकरि माँ कालरात्रि माँ कालरात्रि की पूजा विधि Maa Kaalratri Puja Maa Kaalratri Katha Maa Kaalratri Mantra Significance of Maa Kaalratri Navratri Day 7 Devi Seventh form of Goddess Durga Kaalratri Aarti Maa Kaalratri Vrat Katha Shubhankari Maa Kaalratri Maa Kaalratri Puja Vidhi