#KaalSarp #कालसर्प #शंखपालकालसर्पयोग कालसर्प योग - उपाय करें - अवश्य लाभ मिलेगा। कालसर्प योग काल-सर्प एक ऐसा योग है जो जातक के पूर्व जन्म के किसी अपराध के दंड के फल स्वरूप उसकी जन्मकुंडली में परिलक्षित होता है। व्यावहारिक रूप से पीड़ित व्यक्ति आर्थिक व शारीरिक रूप से परेशान तो होता ही है, मुख्य रूप से उसे संतान संबंधी कष्ट होता है, या तो उसे संतान होती ही नहीं, या होती है तो वह बहुत ही दुर्बल व रोगी होती है। उस की रोजी-रोटी का जुगाड़ भी बड़ी मुश्किल से हो पाता है। धनाढय घर में पैदा होने के बावजूद किसी न किसी वजह से उसे अप्रत्याशित रूप से आर्थिक क्षति होती रहती है। तरह तरह के रोग भी उसे परेशान किये रहते हैं। कालसर्प योग के प्रकार ज्योतिष के अनुसार अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में काल सर्प दोष लगता है तो उसके जीवन में कई तरह की समस्याएं आती है। काल सर्प दोष वालों के बनते हुए भी कार्य बिगड़ जाते हैं। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि काल सर्प दोष कुंडली के 12 भावों में राहू और केतू की उपस्थिति क्रम से कुल 12 प्रकार के काल सर्प योग होते हैं। ज्योतिषियों ने काल सर्प दोष के 12 मुख्य प्रकार बताएं हैं:- 1. अनंत, 2. कुलिक, 3. वासुकि, 4. शंखपाल, 5. पद्म, 6. महापद्म, 7. तक्षक, 8. कर्कोटक, 9. शंखनाद, 10. घातक, 11. विषाक्त, 12. शेषनाग। अब ज्योतिषियों अनुसार कुंडली में 12 तरह के काल सर्प दोष होने के साथ ही राहू की दशा, अंतर दशा में अस्त- नीच या शत्रु राशि में बैठे ग्रह मार के शयावे ग्रह जो वक्री हों, उनके चलते भी जातक को कष्टों का सामना करना पड़ता है। धार्मिक स्थान और उसकी कथा Religious place and story ऐतिहासिक स्थान और उसकी कहानी Historical location and its story आश्चर्य चकित करने वाले स्थान और उसकी कहानी Surprised Places and His Story इतिहास की धार्मिक व ऐतिहासिक जानकारी Religious and historical information in history धार्मिक व ऐतिहासिक कथा Religious and historical stories धर्म के प्रति श्रद्धा और विश्वास की कथा Fear of faith and faith in religion आप दुनिया की व भारत की सैर करना चाहते हैं You want to visit the world and India फोटो व वीडियो का सामान्य ज्ञान General knowledge of photos and videos