पीएम की काशी मे तीनो तहसीलो पर सपाजनो का कब्जा मोदी की नीतिया राष्ट्रहित मे नहीहै आनंद प्रकाश तिवारी

पीएम की काशी मे तीनो तहसीलो पर सपाजनो का कब्जा मोदी की नीतिया राष्ट्रहित मे नहीहै आनंद प्रकाश तिवारी

प्रधानमंत्री के बनारस की तीनों तहसीलों पर सपाजनों का कब्जा महंगाई के विरोध में सपा पदाधिकारियोें ने भाजपा पर साधा निशाना बोले डॉ. आनन्द प्रकाश तिवारी – मोदी सरकार की राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय नीतियां देश हित मे नही राज्यपाल को सम्बोधित 17 सूत्रीय मांग उप जिलाधिकारी सदर को सौंपा वाराणसी भारत बंद के बीच आज समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पिंडरा, राजातालाब एवं सदर तहसील पर पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य वृद्धि समेत 17 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। पिंडरा तहसील पर अजगरा एवं पिंडरा विधानसभा के लोग पूर्व सांसद तूफानी सरोज एवं जिला महासचिव डॉ. रमेश राजभर के नेतृत्व में, राजातालाब तहसील पर विधानसभा रोहनिया एवं सेवापुरी के लोग पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल एवं महेंद्र सिंह पटेल के नेतृत्व में तथा सदर तहसील पर विधानसभा शिवपुर, शहर उत्तरी, दक्षिणी एवं कैंट के लोगों ने जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव, महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, आनंद मोहन गुड्डू यादव, अब्दुल समद अंसारी तथा डॉ. ओपी सिंह के नेतृत्व में विशाल धरना प्रदर्शन किया। अखिलेश यादव का मिला था निर्देश ज्ञातव्य हो कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कल शाम प्रदेश के समस्त तहसील मुख्यालयों पर पार्टी के नेताओं व पदाधिकारियों को बढ़े हुए पेट्रोलियम पदार्थों, बिगड़ती हुई कानून व्यवस्था, महिलाओं पर हो रहे जुल्म, बेरोजगारों एवं नौजवानों पर उत्पीड़न व अवरुद्ध विकास कार्यों के विरोध में धरना-प्रदर्शन करने का निर्देश दिया था। सोमवार की सुबह से ही वाराणसी में समाजवादी पार्टी के यूथ संगठनों के नेता, 16 फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी, जिला एवं महानगर के समस्त नेतागण कार्यकर्ताओं की टोलियों में तहसील मुख्यालयों पर पहुंचना शुरू कर दिए थे। 11 बजते-बजते तीनों तहसीलों पर भारी मात्रा में कार्यकर्ता समाजवादी झंडा एवं लाल टोपी लगाकर पूरे तहसील मुख्यालय को लाल कर दिए थे। धरना लगभग तीन बजे तक चला। ये रहीं मांगे वक्ताओं ने प्रदेश में ध्वस्त कानून व्यवस्था, महिलाओं पर उत्पीड़न की घटनाएं, किसानों के कर्ज माफी व आत्महत्या, स्कूलों-काॅलेजों में बेतहाशा फीस वृद्धि, महंगाई, मोरंग बालू गिट्टी के दामों में वृद्धि, पेट्रोल-गैस के दामों में वृद्धि, उज्ज्वला योजना के नाम पर गरीबों के साथ धोखाधड़ी, विद्युत दरों में वृद्धि, बेरोजगार नौजवानों की समस्या, सहकारिता क्षेत्र की संस्थानों पर कब्जा, बाढ़ पीड़ितों को राहत व्यवस्था, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न, दलित व अल्पसंख्यक अधिकारियों कर्मचारियों का उत्पीड़न, शिक्षामित्रों व आशा बहुओं का उत्पीड़न, आरक्षण की संवैधानिक व्यवस्था से छेड़छाड़, सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने के नाम पर अरबों का घोटाला, समाजवादी पेंशन बंद कर महिलाओं के साथ अन्याय तथा छात्रों को लैपटॉप देने की व्यवस्था समाप्त करना इत्यादि। इनकी रही उपस्थिति डॉ आनंद प्रकाश, जितेंद्र यादव, आत्माराम, राजू यादव, प्रदीप, संजय मिश्रा, राधा-कृष्ण, संजय, लालू यादव, विजय, संतोष यादव, शिवबली, हीरालाल, प्रमोद यादव, पूजा यादव, यशोदा, प्रिया, ऋतु जायसवाल, विवेक, भागीरथी, नंदलाल, अखिलेश, गणेश, भीष्म, कंहैया, हरीश, रामचंदर, अशफाक अहमद, इरशाद, जिया लाल, विजय बहादुर, पार्वती, अखिलेश, विकास, दीप चंद, दीपक, उमेश, लालमन, दिनेश, संजय, राजेश, बिज्जू विश्वकर्मा, जमाल अंसारी, आरिफ, राधेश्याम, लल्लू प्रजापति, कमलाकांत, दिनेश, हरिशंकर, बाबूलाल, मनोज, गुड्डू राजभर, नौशाद, देवी दयाल, कुसुम, जितेंद्र, मोदी, अवधेश, अभिषेक, अभिषेक, आरडी, धनंजय आदि।