संसद के शीतकालीन सत्र में सियासी पारा उफान परसरकार और विपक्ष एक दूसरे पर जनकर साध रहे निशाना!

संसद के शीतकालीन सत्र में सियासी पारा उफान परसरकार और विपक्ष एक दूसरे पर जनकर साध रहे निशाना!

संसद के शीतकालीन सत्र में सियासी पारा उफान परसरकार और विपक्ष एक दूसरे पर जनकर साध रहे निशाना! प्रियंका गांधी का बयान और ट्रेडिंग में आ गए जवाहर लाल नेहरू! संसद के शीतकालीन सत्र में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है नेहरू और वंदेमातरम ने संसद में सियासी तापमान बढ़ा दिया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जमकर बहस हो रहीं, खासकर चुनाव सुधारों और राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' पर। सत्र का छठा दिन, यानी सोमवार को, लोकसभा में 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोपहर 12 बजे बहस की शुरुआत की। उन्होंने गीत को राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा था और आज भी युवाओं को एकजुट करता है। पीएम ने जोर दिया कि 'वंदे मातरम' सिर्फ गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है, जो विविधता में एकता का संदेश देता है। लेकिन चर्चा के दौरान विपक्ष ने इसे 'समय की बर्बादी' करार दिया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार द्वारा नेहरू पर निशाना साधने पर सरकार को आड़े हाथों लिया और इसी स्पीच दी जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही उन्होंने अपने भाषण मेंकहा कि सदन को असली मुद्दों—जैसे महंगाई, बेरोजगारी और प्रदूषण—पर ध्यान देना चाहिए, नेहरू ने क्या किया क्या नहीं इस पर एक 10 घंटे का सत्र अलग से रख लेंगे। JMM सांसद महुआ मांझी ने भी उनका समर्थन करते हुए टिप्पणी की, "ऐसी चर्चाओं से नफरत फैलती है, विकास नहीं।" राज्यसभा में भी हलचल रही—विपक्ष ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया पर तत्काल बहस की मांग की, जिससे सदन में हंगामा हुआ। एक अन्य महत्वपूर्ण घटना नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू का राज्यसभा में बयान था। इंडिगो एयरलाइन के क्रू मैनेजमेंट संकट पर उन्होंने सख्त लहजे में कहा, "नियम तोड़ने वाली किसी भी कंपनी पर ऐसी कार्रवाई होगी जो भविष्य के लिए नजीर बनेगी।" उन्होंने यात्रियों के लिए CARs नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का वादा किया। दिन के अंत में, कुछ विधेयक जैसे केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक पर चर्चा हुई, जो तंबाकू जैसी हानिकारक वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाने से जुड़ा है। कुल मिलाकर संसद में सियासी पारा उफान पर है मंगलवार को सत्र का सातवां दिन और भी गरमाया। लोकसभा में 10 घंटे की बहस चुनाव सुधारों और SIR प्रक्रिया पर केंद्रित रही। SIR—जिसे विपक्ष 'वोट चोरी की साजिश' कह रहा है—पर बहस के लिए सरकार ने विपक्ष को मनाया था। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपना भाषण खादी से शुरू किया। उन्होंने कहा, "देश एक फैब्रिक है—रंग-बिरंगे धागों से बुना। हर व्यक्ति बराबर है। लेकिन RSS समानता में विश्वास नहीं करता, वो हायरार्की चाहता है।" राहुल ने आरोप लगाया कि RSS ने चुनाव आयोग, CBI, ED, विश्वविद्यालयों—सभी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है। "गोडसे ने गांधीजी को तीन गोलियां मारीं, चौथी गोली आज लोकतंत्र के सीने में दागी जा रही है। वोट चोरी सबसे बड़ा देशद्रोही कृत्य है!" इस पर सत्ता पक्ष में भारी हंगामा मच गया। सांसद कुर्सियां पीटने लगे, नारे लगे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई, "हम सुनने को तैयार हैं, लेकिन विषय से भटकना ठीक नहीं।" BJP सांसद निशिकांत दुबे ने पलटवार किया, "हां, हम RSS के हैं और हमें गर्व है!" उन्होंने UPSC में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने SIR पर कहा, "BLO को 1 करोड़ की मदद और सरकारी नौकरी दें, वरना ये प्रक्रिया संदिग्ध है।" राज्यसभा में अमित शाह ने 'वंदे मातरम' पर चर्चा शुरू की। उन्होंने गीत को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया और नेहरू से लेकर आज के संदर्भ जोड़े। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में SIR को 'पारदर्शी प्रक्रिया' बताया, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर आधारित है। विपक्ष ने इसे 'अवैध घुसपैठियों की पहचान' का बहाना करार दिया। दिन भर हंगामे के बावजूद, कुछ विधेयक जैसे बीमा संशोधन पर चर्चा हुई। #sansadsatra #sansadsatralive #sansadsatratodaylive #sansadsatratoday #sansadsatra2025 #sansadsatrakyahotahai #sansadsatrakalive #sansadsatranews #sansadsatraaajka #sansadsatrakasamachar #sansadsatrakabseshuruhoga #sansadsatrajuly #sansadsatramonsoon #sansadsatrakabtakchalega #sansadsatrarahulgandhi #sansadsatraand #sansadsatralivetoday