तबाही उत्तराखंड में आई है लेकिन दर्द का दरिया पहाड़ों से बढ़कर मैदानों तक भी पहुंच चुका है. त्रासदी के बाद एक सौ सत्तर से ज्यादा लोग लापता हैं और इनमें से कई ऐसे कामगार हैं जो यूपी और बिहार के रहने वाले थे खबर के बाद उन घरों में खामोशी छाई है. सब अपनों के सुरक्षित लौटने का इंतजार कर रहे हैं.