पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश हुआ घायल, सिपाही को लगी गोली, यूपी के जालौन में माधौगढ़ पुलिस और 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ के दौरान एक सिपाही घायल हो गया वही जबाबी फायरिंग में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश भी घायल हो गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर घायलावस्था में इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती कराया। वही घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच में जुट गये। मामला माधौगढ़ कोतवाली इलाके के महाराजपुरा इलाके का है। बताया गया कि माधौगढ़ पुलिस रात्रि में चैकिंग कर रही थी। इसी दौरान मध्यप्रदेश की तरफ से बाइक से एक शख्स आ रहा था। जिसने पुलिस की चेकिंग देखी तो उसने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जिसे देख पुलिस ने अपना बचाव करते हुये जबाबी फायरिंग की। इस फायरिंग में माधौगढ़ कोतवाली में तैनात सिपाही अजय प्रताप सिंह के कंधे से गोली छूकर निकल गयी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने जबाबी कार्यवाही में उस शख्स पर फायरिंग कर घायल कर दिया। जब पुलिस ने उसे पकड़ा तो वह 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश जितेंद्र सिंह परिहार निकला। जिसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज है और उरई कोतवाली में दर्ज एक मामले में उसके ऊपर 50 हजार रुपये का इनाम रखा गया था। पकड़ा गया 50 हजार का इनामी बदमाश माधौगढ़ कोतवाली इलाके का रहने वाला है। जिसके खिलाफ कई मामले दर्ज है। यह आरोपी कभी सीबीआई बनकर लोगों से ठगी करता था तो कभी पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों को अपना शिकार बनाता था। इसके खिलाफ लूट, गैंगस्टर एक्ट, फिरौती मांगने और ठगी करने के दर्जनों मामले दर्ज है। इसके अलावा औरेया में भी कई मामले दर्ज है। एसपी डॉ सतीश कुमार ने बताया कि चैकिंग के दौरान बदमाश द्वारा फायरिंग की गई थी जबाबी फायरिंग में बदमाश घायल हुआ है। वही सिपाही भी गोली लगने से घायल है। फिलहाल सिपाही का इलाज कराया जा रहा है। वही बदमाश को भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अनौखे तरीके से हुआ जालौन में रावण का वध पूरे देश में दशहरा का पर्व मंगलबार बड़े धूमधाम से मनाया गया। यहाँ लेकिन बुन्देलखंड के जालौन जिले के कोंच नगर में दशहरा आज अलग परम्परा के साथ मनाया गया। यहाँ पर राम-रावण और लक्ष्मण-मेघनाथ का युद्ध अलग ही तरीके से होता है। यहाँ पर रावण मेघनाथ के 40 फिट ऊचे पुतलों का युद्ध राम और लक्ष्मण के साथ सजीव होता है और अंत में बुराई के प्रतीक के रूप में रावण और मेघनाथ का संहार राम-लक्ष्मण द्वारा किया गया। यह युद्ध कोंच के ऐतिहासिक मैदान धनु तालाब के मैदान पर होता है| इस युद्ध को देखने के लिये 20 हजार से अधिक की भीड जुटती है। वैसे पूरे देश में राम-रावण और लक्ष्मण-मेघनाथ के पुतलों को एक वटन दबाकर जला दिया जाता है लेकिन कोंच नगर में ऐसा देखने को नहीं मिलता है। यहाँ पर 167 वर्षों से चली आ रही परम्परा को कोंच के लोग अभी भी निर्वाहन कर रहे है। यहाँ पर राम-रावण और लक्ष्मण मेघनाथ युद्ध परम्परागत तरीके से होता है। यहाँ पर राम और रावण का युद्ध सजीव होता है जिससे देखने के लिये दूर दराज के क्षेत्रों से लोग आते है। यहाँ रावण और मेघनाद के 40 फिट से ऊंचे पुतलो को बड़े-बड़े पहियों वाले रथ में बांधा जाता है और इन पुतलों को पूरे मैदान में दौड़ाया जाता है| जिनसे युद्ध स्वयं भगवान राम और उनके अनुज भ्राता लक्ष्मण करते है। इस युद्ध में कई बार मेघनाथ और रावण के पुतले कई बार जमीन में गिरते है जिसे देख वहाँ पर मौजूद लोग बहुत प्रसन्न होते है। इस युद्ध में बिलकुल वैसा ही होता है जैसा रामानन्द सागर की रामायण में दर्शाया गया है। इस युद्ध में लक्ष्मण को शक्ति भी लगती है और हनुमान संजीवनी बूटी भी लाते है। जब राम और रावण का युद्ध होता है तो इन पुतलो को रस्सियों की सहायता से पूरे मैदान में दौडाया जाता है। इस परम्परा के दौरान ये पुतले कई बार नीचे जमीन में गिरते है जिन्हें लोग पुनः खडा करके मैदान में दौडाते है। रावण और मेघनाद के पुतलो को रथो में रखकर दौडाने के पीछे लोगो का तर्क है कि बुराई चाहे जितना भी भागे उसका अंत निश्चित ही होता है | इस तरह का रावण वध विगत 167 वर्षो से चला आ रहा है। इस राम-रावण युद्ध को देखने के लिये भाजपा सांसद भानू प्रताप वर्मा बिधायक उरई गौरी शंकर वर्मा माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन टीवी अभिनेत्री सुष्मिता मुखर्जी,नगर पालिका अध्यक्ष डॉ सरिता आनंद अग्रवाल से लेकर कई राजनैतिक हस्तियाँ भी मौजूद रही। वही स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा युद्ध उन्होने कही नहीं देखा यह पूरे देश में अनौखा राम-रावण और लक्ष्मण मेघनाथ युद्ध है।