Dwadash Jyotirling Stotra | द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् | सौराष्ट्रदेशे विशदे तिरम्ये bhajan 🔱हिमालये तू केदारं तं नमामि🔱 सुनिए मंत्रमुग्ध कर देने वाला || द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् || स्वर - परम शैव पं. मृत्युंजय हिरेमठ जी महराज ............... #श्रीद्वादशज्योतिर्लिंगस्तोत्रम् #ShriDwadashJyotirlingaStotram #श्री_द्वादश_ज्योतिर्लिंग_स्तोत्रम् #Shri_Dwadash_Jyotirlinga_Stotram #द्वादशज्योतिर्लिंगस्तोत्रम् #DwadashJyotirlingaStotram #द्वादश_ज्योतिर्लिङ्ग_स्तोत्रम् ................ #शिवस्तुति #शिवभजन #शिवसांग #शिवमहिमास्तोत्रम #नयाशिवभजन #शिव #शिवतांडव #शिवअमृतवाणी #शिव #कैलाश #मानसरोवर #भोलेनाथसांग #शिवस्तोत्रा #शिव_स्तोत्रम #शिव_स्तुति #शिव_भजन #शिव_गीत #शिव_महिमा_स्तोत्रम #नया_शिव_भजन #शिव_स्तोत्र #शिव_मंत्र #शिव #शिव_तांडव #शिव_अमृतवानी ................... #ShivStotram #ShivStuti #ShivBhajan #ShivaSong #ShivMahimaStotram #latestShivBhajan #TrendingShivBhajan #ShivStotr #ShivMantra #Shiva #ShivTandav #ShivAmritwani #Shiv #Kailash #Mansarovar #BholenathSong #shivstotra #Shiv_Stotram #Shiv_Stuti #Shiv_Bhajan #Shiva_Song #Shiv_Mahima_Stotram एक विनती है मेरी आपसे, अभी तक आपका स्नेह और सहयोग मेरी इस, Gkmbhati Channel को नहीं मिला है, कृपया आप अपना अमूल्य प्यार दीजिए मदद किजिए Subscribe kren Share कर स्नेहरूपी Comment करें हर हर महादेव जरूर लिखें ............🙏🏻ये है हमारी अर्जी आगे सिर्फ आपकी मर्जी 🙏🏻.......... ✨द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् के बारे में जानकारी ✨ श्री आदि शंकराचार्य द्वारा रचित द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्र का जो भी व्यक्ति सुबह शाम पाठ करता है। उसके सात जन्मों के पाप ख़त्म हो जाते है। वह व्यक्ति जन्म मृत्यु के बंधन से मुक्ति पा लेता है। उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जो भी व्यक्ति द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् का पाठ करता है उसे कभी भी मृत्यु का भय नहीं रहता। साथ ही उस व्यक्ति को अपने जीवन में धन धान्य की प्राप्ति होती है। द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों को संबोधित एक स्रोत है। इस स्तोत्र का प्रतिदिन जाप करने से बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने के समान फल की प्राप्ति होती है। भगवान शिव जी को समर्पित यह स्त्रोत बहुत ही फलदायी होता है। जो भी भक्त इस स्त्रोत का नियमित पाठ करता है उस पर शिव जी की कृपा बनी रहती है। पुराणों के अनुसार, भगवान शिव जिस जिस स्थान पर प्रकट हुए उन स्थानों पर उनकी पूजा ज्योतिर्लिंगों के रूप में होती है। शिवपुराण के मुताबिक, ज्योति के रूप में भगवान शिव स्वयं यहां विराजित रहते है मुझे आगे बढ़ाने में मदद कीजिए / @gkmbhakti please subscribe 🙏🏻 for you and like this videos