#GOPIGEET #गोपीगीत #sanskrit #hindi #श्रीमद्भगवद्पुराण #दशमस्कन्द #krishna #radhakrishna #gopal #madhav #govinda गोपियों ने कृष्ण के विरह में गाया यह गीत प्यारे ! एकान्तमें तुम मिलनकी आकाङ्क्षा, प्रेम-भावको जगानेवाली बातें करते थे । ठिठोली करके हमें छेड़ते थे । तुम प्रेमभरी चितवनसे हमारी ओर देखकर मुसकरा देते थे और हम देखती थीं तुम्हारा वह विशाल वक्षःस्थल, जिसपर लक्ष्मीजी नित्य-निरन्तर निवास करती हैं। तबसे अबतक निरन्तर हमारी लालसा बढ़ती ही जा रही है और हमारा मन अधिकाधिक मुग्ध होता जा रहा है प्यारे ! तुम्हारी' यह अभिव्यक्ति व्रज-वनवासियोंके सम्पूर्ण दुःख-तापको नष्ट करनेवाली और विश्वका पूर्ण मङ्गल करनेके लिये है । हमारा हृदय तुम्हारे प्रति लालसासे भर रहा है । कुछ थोड़ी-सी ऐसी ओषधि दो, जो तुम्हारे निजजनोंके हृदयरोगको सर्वथा निर्मूल कर दे ॥ DISCLAIMER:—-This channel Doesn’t promotes or encourage any illegal activities and all content provided by this channel is meant for EDUCATIONAL PURPOSES only. / @meenujain_mj